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दहेज हत्या में पति को 14 साल का सश्रम कारावास

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अपर जिला जज फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-एक कीर्ति कुणाल की अदालत ने दहेज हत्या के मामले में पति को दोषी करार देते हुए 14 साल की कैद और 48 हजार रुपये अर्थदंड जमा करने का आदेश दिया है। वारदात में सह अभियुक्त विवाहिता की सास व ससुर को भी कोर्ट ने सात-सात साल की सजा सुनाई है।
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अभियोजन के मुताबिक वादी मुकदमा चरवा निवासी सोहन ने बताया कि उसने अपनी बेटी प्रतिष्ठा उर्फ रेनू का विवाह करारी कोतवाली के लहना गांव निवासी राजू के साथ 16 फरवरी 2014 को किया था। शादी के बाद से ससुराल वाले रेनू को कम दहेज लाने की बात कहकर प्रताड़ित करने लगे।
शादी के महज आठ महीने बाद रेनू की हत्या कर उसके शव को फांसी पर लटका दिया गया। इस मामले में सोहन ने अपने दामाद राजू, समधी केशव प्रसाद कुशवाहा, समधन ज्ञानमति व बेटी के देवर जय प्रकाश के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज कराया। पुलिस ने पति, सास व ससुर के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामला एफटीसी कोर्ट में विचाराधीन था।
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मामले में सोमवार को अभियोजन की तरफ से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अनिरुद्ध मिश्रा ने मुकदमे की पैरवी की। जिसमें कोर्ट ने पति को हत्या का दोषी मानते हुए 14 साल की सश्रम कारावास व 16 रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
ससुर व सास को भी दोषी करार देते हुए सात साल की सजा व 16-16 हजार रुपये अर्थदंड जमा करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि कुल अर्थदंड से 30 हजार रुपये मुकदमे के वादी को दिया जाए। सजा सुनाए जाने के बाद आरोपियों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया।
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