बगैर संसाधन कोरोना के नए वैरिएंट से कैसे निपटेगा स्वास्थ्य महकमा
अनुबंध खत्म होने पर 30 सितंबर को ही बाहर किए जा चुके हैं आउटसोर्सिंग कर्मचारी
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए जिले में स्वास्थ्य महकमे की तैयारियां हवा में चल रही हैं। कोविड-19 की सैंपलिंग से लेकर अन्य कार्यों के लिए आउटसोर्सिंग के जरिए रखे गए करीब 40 कर्मचारी करार खत्म होने के कारण दो महीने पहले ही बाहर किए जा चुके हैं। ऐसे में संसाधनों के बगैर स्वास्थ्य महकमा नए स्ट्रेन से कैसे निपटेगा?
कोविड-19 की पहली और दूसरी लहर के दौरान फील्ड में जाकर संदिग्धों की जांच, कांटैक्ट ट्रेसिंग, डाटा फीडिंग आदि कार्यों के लिए स्वास्थ्य विभाग ने आउसोर्सिंग पर करीब 40 कर्मचारियों को रखा था। इनमें आठ-आठ एलटी, एलए, दस कंप्यूटर आपरेटर, 12 सफाईकर्मी शामिल थे। 30 सितंबर को अनुबंध खत्म होने पर सभी कर्मियों को बाहर कर दिया गया। दोबारा करार के लिए शासन ने स्वास्थ्य विभाग को अनुमति ही नहीं दी। शासन की ओर से कहा गया कि जनपद कोरोना मुक्त हो गया है तो फिर अब इन कर्मियों की जरूरत ही क्या है? इसके बाद से विभागीय संसाधनों के जरिए सिर्फ स्वास्थ्य केंद्रों पर ही कोविड की जांच की जा रही है। इधर बीच नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के दस्तक के साथ शासन ने पूरे प्रदेश में फिर से अलर्ट जारी कर दिया है। शासन की ओर से स्कूल-कॉलेज, बस, रेलवे स्टेशन आदि स्थानों पर फोकस सैंपलिंग करने का निर्देश दिया गया है, लेकिन तीन दिन बाद भी जिले में फोकस सैंपलिंग का अता-पता नहीं चल पा रहा है।
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इनका कहना है
अनुबंध खत्म हो जाने के कारण आउटसोर्सिंग कर्मचारी हटा दिए गए हैं। इससे संसाधनों की कमी जरूर हुई है। हालांकि इसके बाद भी किसी तरह की समस्या नहीं आने दी जाएगी। विभागीय कर्मचारियों से फोकस सैंपलिंग आदि कोविड से जुड़े कार्य कराए जा रहे हैं।
डॉ. केसी राय-सीएमओ