पश्चिमशरीरा। खसरा और बोर्ड की बैठक बिना ही नगर पंचायत ने गृह कर लागू कर दिया है। सर्वे के अनुसार इस नई व्यवस्था से 5400 भवन स्वामियों पर आर्थिक बोझ पड़ेगा।
नगर पंचायत पूरब-पश्चिमशरीरा का गठन 31 दिसम्बर 2019 को हुआ था। नगर के 15 वार्डों में तकरीबन 30 हजार आबादी है। नगर पंचायत से पूर्व कराए गए सर्वे में करीब 5400 भवन हैं। नियमानुसार नवसृजित नगर पंचायत होने के चलते पांच साल तक कर नहीं लगाया गया। अब बिना स्वामित्व प्रमाणपत्र (खसरा) व बोर्ड की बैठक के ही नगर पंचायत ने गृहकर वसूलने की तैयारी कर ली।
नौ मई को इसका विज्ञापन प्रकाशित कराते हुए नगर के भवनों के कारपेट एरिया और उनकी लोकेशन को देखते हुए अलग-अलग गृहकर लगाए जाने की जानकारी दी गई। इसके लिए नगरवासियों से आपत्तियां मांगी गई हैं। गौतम बुद्ध नगर के सभासद विजय पांडेय आदि ने बताया कि बिना स्वामित्व प्रमाणपत्र (खसरा) व बोर्ड की बैठक कराए ही गृहकर लागू करने का विरोध किया जाएगा।
बिना बोर्ड के बैठक के ही गृहकर लागू किया जाना गलत है। उच्चाधिकारियों से इसकी शिकायत की जाएगी।अजीत रैना, सभासद
नगरवासियों को बिना उनका स्वामित्व प्रमाणपत्र दिए ही कर लगाया जाना अनुचित है। नई व्यवस्था का हर स्तर पर विरोध किया जाएगा।वीरेंद्र सोनी, सभासद, संत गाडगे नगर
शासन के निर्देश पर गृहकर लगाने की तैयारी की गई है। इसके लिए सभासदों को सूचित भी किया गया है। इसीलिए विज्ञापन प्रकाशित कराते हुए आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया गया है।अंशुमान सिंह, अधिशाषी अधिकारी