मंझनपुर। सरायअकिल कोतवाली के युसूफपुर गांव में रविवार को भूमि कब्जाने के विरोध पर दबंगों ने बंदूक की बट से पिटाई कर चार लोगों को जख्मी कर दिया। तहरीर के आधार पर 13 नामजद समेत 25 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस घटना की छानबीन में जुट गई है।
युसूफपुर गांव निवासी कफील अहमद ने बताया कि वर्ष 2008 में उसने गांव की सगी बहने कुमारी शानू, कुमारी साहिबा, परवीन और नसरीन से खेत का बैनामा कराया था। आरोप है कि 16 साल बाद जालसाजी कर फर्जी दस्तावेज बनाकर अदालत में वाद दाखिल कर दिया। अदालत से राहत न मिलने पर 13 जून 2024 को खिजिरपुर कैलई गांव निवासी धर्मेंद्र पांडेय और प्रयागराज के मादपुर गांव निवासी अधिवक्ता गोपाल शुक्ला के नाम एग्रीमेंट कर दिया।
आरोप है कि धर्मेंद्र पांडेय और गोपाल शुक्ला असलहे से लैस होकर अपने कई साथियों संग रविवार को ट्रैक्टर लेकर खेत को जोतवाने लगे। विरोध करने पर उन्होंने बंदूक की बट से पिटाई कर दी। चीखपुकार सुन कर बीच बचाव करने आए असलम, आतिफ, मो. जुहैब को भी पीट दिया। इससे सभी लोग लहूलुहान हो गए। घायलों ने 13 नामजद व 12 अज्ञात समेत 25 लोगों के खिलाफ तहरीर दी।
तहरीर के आधार पर पुलिस ने पुरखास निवासी कुमारी नसरीन, कुमारी परवीन, मो. फाजिल, जीत बहादुर बेड़िया, जितेंद्र बेड़िया, धर्मेंद्र बेड़िया, महेंद्र बेड़िया, अनुराग बेड़िया, एहसान, युसूफपुर निवासी मुदसिरा उर्फ गुड़िया, खिजिरपुर कैलई निवासी धर्मेंद्र पांडेय, मोनू पांडेय, पूरामुफ्ती कोतवाली के अंतर्गत मादपुर गांव निवासी गोपालजी शुक्ला के अलावा 10-12 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।