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Kaushambi News: काम के नहीं सिर्फ नाम के हैं हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर

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मंझनपुर। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले भर में 74 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर संचालित किए जाने का दावा किया जा रहा है। जबकि हकीकत अलग हैं। जिन सेंटरों को क्रियाशील बताया जा रहा है, उनमें से कई के खुलने और बंद होने का कोई समय तय नहीं मिला। जबकि कई केंद्र ऐसे थे जिन पर ताला लटक रहा था।
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वैसे तो शासन ने हर ब्लॉक पर एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बना रखा है। कई नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी चल रहे हैं। इसके अलावा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी खोले गए हैं। ताकि सर्दी, जुखाम और बुखार जैसी बीमारियों से पीड़ितों को प्राथमिक उपचार के लिए सीएचसी, पीएचसी और जिला अस्पताल की दौड़ नहीं लगाना पड़े। जिले भर में 74 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का संचालन किया जा रहा है। बुधवार को अमर उजाला ने इसकी पड़ताल की। आठ हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों को देखा। जिनमें से एक ही खुला मिला। दो सेंटर निर्माणाधीन थे। जबकि पांच सेंटरों पर ताला लटक रहा था। इस संदर्भ में ग्रामीणों ने बताया कि कुछ सेंटर ऐसे हैं, जो एक घंटे या दो घंटे के लिए खुलते हैं। कुछ तो में हमेशा बंद ही रहते हैं।
सेंटर खुलने का नहीं है समय
नेवादा। दोपहर एक बजे हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर मखऊपुर पर ताला लटक रहा था। ग्रामीणों ने बताया कि कभी-कभार सीएचओ एक या दो घंटे के लिए आते हैं। अन्य दिनों में बंद ही रहता है। औधन स्थित सेंटर भी बंद था। गांव के रामदीन और सुरेश ने बताया कि सेंटर खुलता तो है, लेकिन कोई समय निर्धारित नहीं है। सीएचओ राजकुमार मरीजों का इलाज करते हैं। आज क्यों नहीं आएं, इसपर कहा कि पता नहीं। तिलगोड़ी सेंटर में सीएचओ कमलेश कुमार मरीजों का इलाज करते मिले।
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सेंटर कभी खुलते ही नहीं
बारा। करीब साढ़े बारह बजे से लेकर दो बजे के बीच तीन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर देखे गए। इनमें पहला सेंटर इटैला, दूसरा जाठी और तीसरा केंद्र परड़िया सुकुवारा रहा। तीनों ही सेंटर में ताला लटक रहा था। जाठी के आशीष, बबलू, परड़िया सुकुवारा के रीना, अशोक सिंह, इटैला की मीना देवी, ओम प्रकाश आदि ने बताया कि सेंटर कभी खुलते ही नहीं। कभी जरूरत पड़ने पर सीएचसी जाना पड़ता है।
निर्माणाधीन भवनों में सीएचओ की तैनात
चायल। टीम करीब 3.30 बजे चिल्ला सहबाजी स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पहुंची। भवन के अंदर पुआल भरा हुआ था। पूछने पर गांव के दिनेश कुमार ने बताया कि सेंटर पर सीएचओ निहारिका श्रीवास्तव की तैनाती है। भवन दुरुस्त न होने के कारण वह गांव में अलग-अलग जगहों पर शिविर लगाती हैं। वहीं शेखपुर रसूलपुर में सीएचओ आलोकिता दिवाकर की तैनाती है, लेकिन भवन निर्माणाधीन होने के कारण सेंटर का संचालन नहीं हो पा रहा है।
सभी सीएचओ को तैनाती वाले केंद्रों पर नियमित बैठने के निर्देश दिए गए हैं। इससे मरीजों को इलाज के लिए भटकना न पड़े। इसके बाद भी यदि कोई लापरवाही कर रहा है तो निरीक्षण कराके संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।- डॉ. सुष्पेंद्र कुमार, सीएमओ
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