भगवान बुद्ध की तपोस्थली व सम्राट उदयन की नगरी कौशाम्बी को चित्रकूट धाम से जोड़ने की कवायद तेज हो गई है। मंझनपुर से चित्रकूट धाम तक फोरलेन निर्माण कराने के लिए एनएचआई ने मेसर्स ली एसोसिएट्स नई दिल्ली से डीपीआर मांगा है। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी मध्य प्रदेश कटनी की संस्था को दी गई है।
बौद्ध नगरी कौशांबी के मुख्यालय मंझनपुर से चित्रकूट तक फोर लेन निर्माण की प्रक्रिया भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचआई) ने शुरू कर दी है। परियोजना को मूर्त रूप देने के लिए डीपीआर तैयार कराया जा रहा है। इसमें मेसर्स ली एसोसिएट्स नई दिल्ली की मदद ली जा रही है। निर्माण की जिम्मेदारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की परियोजना क्रियान्वयन इकाई कटनी (मध्यप्रदेश) को सौंपी गई है। निर्माण की जिम्मेदारी मिलते ही भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण कटनी के परियोजना निदेशक सुमेश बॉंझल ने डीएम मनीष कुमार वर्मा को पत्र भेजकर भूमि अधिग्रहीत कराने को कहा है।
परियोजना निदेशक का पत्र मिलते ही डीएम ने एसडीएम सदर विवेक चतुर्वेदी को भूमि अध्याप्ति अधिकारी नामित कर दिया है। डीएम ने निर्देश दिया है कि फोरलेन निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहीत किए जाने का काम समय पर पूरा कराएं। बहरहाल जल्द ही बौद्ध नगरी से चित्रकूट धाम का रास्ता फोरलेन में बदल जाएगा।
सड़क किनारे बने कई आशियाने होंगे जमींदोज
मुख्यालय मंझनपुर से चित्रकूट धाम तक बनने वाली फोरलेन सड़क किनारे बने कई आशियानों का नक्शा मिटा देगी। चौड़ीकरण के दौरान मुख्यालय मंझनपुर से लेकर महेवाघाट के बीच डेढ़ दर्जन गांव आते हैं। इन गांवों के लोगों के सड़क किनारे बने घर सड़क की सीमा में आ रहे हैं। निर्माण के समय सड़क की जद में आने वाले घरों पर एनएचएआई का बुलडोजर चलना तय है। चिन्हीकरण की रिपोर्ट पर जाएं तो संबंधित गांवों के सौ से अधिक लोगों के घर निर्माण की जद में आ रहे हैं।
प्लाटिंग करने वालों को लगेगा झटका
मुख्यालय मंझनपुर के बगल स्थित भड़ेसर, समदा, ओसा चौराहा में इन दिनों प्लाटिंग का धंधा जोरों पर है। सड़क किनारे स्थित भूमि को खरीदकर कारोबारियों द्वारा प्लाटिंग की जा रही है। सड़क चौड़ीकरण के दौरान किनारे के प्लाटों की भूमि एनएचएआई की भेंट चढ़ सकती है। ऐसे में प्लाटिंग कारोबारियों व खरीदारों को तगड़ा झटका लग सकता है।
सड़क की जद में आ रही 19 गांवों की भूमि
मंझनपुर से चित्रकूट जाने वाली फोर लेन के नक्शे में जिन गांवों की भूमि चौड़ीकरण की जद में आ रही है उसमें मंझनपुर के 18 व सिराथू तहसील के एक गांव की भूमि शामिल है। जिन गांवों की फोरलेन की जद में आ रही हैं उसमें मंझनपुर तहसील के समदा, फरीदपुर, गौरा, ओसा, कोंड़र, पाता, गौसपुर टिकुरी, टेंवा, भरसवां, गरौली, सरसवां, कुम्हियांवा, अजरौली, हिनौता, ढेरहा, मवई, रामनगर, महेवा उपरहार व सिराथू तहसील का भड़ेसर गांव शामिल हैं।