नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन एक बार फिर तेज हो गया है। बुधवार को भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले जुटे किसानों ने काला दिवस मनाया। किसानों ने जिला मुख्यालय समेत तीनों तहसीलों पर प्रदर्शन किया।
सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए तीनों कानूनों के वापसी की मांग को लेकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। किसानों के आंदोलन को देखते हुए सीओ सिटी केजी सिंह पुलिस फोर्स के साथ मुस्तैद रहे।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत भारतीय किसान यूनियन टिकैत के सदस्यों ने बुधवार को काला दिवस मनाया। संगठन के जिलाध्यक्ष नूरूल इस्लाम की अगुवाई में जिला पंचायत कार्यालय पर जुटे कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया।
इस दौरान सरकार विरोधी नारेबाजी की गई। धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पारित किए गए तीनों कृषि कानून के विरोध में किसानों के आंदोलन को छह माह हो गया।
इसके बाद भी सरकार ने तीनों कानून वापस नहीं लिए। इससे किसान हित की बात करने वाली भाजपा सरकार का चेहरा बेनकाब हो गया है। चेताया कि कानून वापस नहीं लेने तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। बाद में कार्यकर्ताओं ने कोविड-19 गाइड लाइन का पालन करते हुए एसडीएम सदर राजेश चंद्रा को ज्ञापन सौंपा।
इस मौके पर सिद्धशरण गुप्ता, लवकुश पटेल, बच्चालाल, राम आसरे, राजेश, गजराज, भइयालाल धुरिया, वसीम अहमद, विजय त्रिपाठी मौजूद रहे। सिराथू और चायल तहसील पर भी भाकियू कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन कर नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की।