English medium education will be stopped in 96 primary and upper primary schools
जिले के 96 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों का अंग्रेजी माध्यम का दर्जा जल्द ही समाप्त हो जाएगा। दरअसल, राज्य सरकार ने परिषदीय स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा को समाप्त करने का निर्णय लिया है। इसका असर जिले के 96 स्कूलों पर पड़ेगा। इसमें 80 प्राथमिक व 16 उच्च प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं। ऐसा होने से संबंधित विद्यालयों में पढ़ रहे लगभग 12 हजार छात्र-छात्राओं की अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई बंद हो जाएगी। उन्हें पूर्व की तरह हिंदी माध्यम में ही पढ़ाई करने को मजबूर होना पड़ेगा।
परिषदीय विद्यालयों में में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई करने का कुछ वर्ष पहले निर्णय लिया गया था। तय हुआ कि परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को भी अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई करने का मौका दिया जाए। इसके लिए एक-एक कर 96 परिषदीय विद्यालयों को अंग्रेजी माध्यम कर दिया गया। इसमें 80 प्राथमिक व 16 उच्च प्राथमिक विद्यालय शामिल किए गए। इन विद्यालयों में लगभग 12 हजार छात्र-छात्राएं अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा हासिल भी कर रहे हैं।
गरीब परिवार के विद्यार्थियों का अंग्रेजी माध्यम से पढ़ने का सपना पूरा होता दिखा, तो अभिभावकों ने भी खुशी जताई थी। इस बीच अब प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि परिषदीय विद्यालयों में पूर्व की तरह ही मातृभाषा हिंदी माध्यम से ही पढ़ाई की जाएगी। अर्थात अंग्रेजी माध्यम को समाप्त कर दिया जाएगा। इसके पीछे का कारण नगरीय क्षेत्र के विद्यालयों में अध्यापकों की कमी बताई जा रही है। जबकि ग्रामीण क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की अधिकता है। अंग्रेजी माध्यम समाप्त करने के साथ ही अब ग्रामीण क्षेत्र के अध्यापकों को शहरी क्षेत्र के विद्यालयों में समायोजित किया जा सकेगा।
शासन से अभी नहीं आया कोई पत्र: बीएसए
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रकाश सिंह ने बताया कि प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक मिलाकर जिले में कुल 96 परिषदीय विद्यालय अंग्रेजी माध्यम से संचालित हैं। सरकार ने अंग्रेजी माध्यम को समाप्त करने का निर्णय लिया है, इसकी जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से हुई है। फिलहाल लिखित पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। बीते दिनों ही अंग्रेजी माध्यम की कुछ पुस्तकें भी शासन से जिले को उपलब्ध हुईं थीं।