कौशाम्बी ब्लॉक के मेडुआ सलेमपुर गांव में बुधवार की रात अचानक हाई वोल्टेज बिजली सप्लाई हो गई। इससे घरों की वायरिंग सुलगने लगी। सबमर्सिबल पंप, टीवी, फ्रिज, बल्ब, पंखे जल गए। वायरिंग सुलगने पर लोग घरों में आग लगने की आशंका से भयभीत होकर बाहर को भागे। घटना से करीब घंटेभर तक गांव में अफरातफरी मची गई। घटना फुंके ट्रांसफार्मर से 11 हजार की उच्च क्षमता का तार नहीं हटाए जाने से हुई बताई जा रही है। वहीं लाखों का नुकसान होने से गांववालों में आक्रोश है।
कौशाम्बी के मेडुआ सलेमपुर गांव में बिजली की सप्लाई गोपहसा उपकेन्द्र से है। गांववाले बताते हैं कि यहां बिजली आपूर्ति के लिए लगा 100 केवीए का ट्रांसफार्मर पांच दिन पहले जल गया था। इसकी जानकारी दूसरे दिन ही उपकेंद्र के अवर अभियंता और बिजली विभाग के अन्य कर्मचारियों को दे दी गई थी। बताया जाता है कि सूचना देने के बाद भी बिजली विभाग के कर्मचारियों ने फुंका हुआ ट्रांसफार्मर नहीं हटाया। साथ ही ट्रांसफार्मर को बिजली सप्लाई के लिए जुड़े हाईटेंशन लाइन के तारों को भी नहीं काटा गया। इधर, बुधवार की रात गांववाले खर्राटा फर रहे थे। तभी रात करीब 11 बजे अचानक पूरे गांव में हाईवोल्टेज बिजली की सप्लाई हो गई। हाईवोल्टेज सप्लाई से गांव के विजेश्वर सिंह, कल्लू सिंह, हीरेन्द्र सिंह, मुन्ना श्रीवास्तव, राधेश्याम, कुलदीप सिंह, विजय शर्मा आदि करीब 20 लोगों के घरों की वायरिंग सुलगने लगी। 11 लोगों के यहां पानी के लिए लगी सबमर्सिबल मोटर जल गई। वहीं ग्रामीणों के घर में लगे बल्व, सीएफएल, पंखा, फ्रिज, टीवी आदि उपकरण भी जल गए। वायरिंग और केबल सुलगने से पूरे गांव में हड़कंप मच गया। घरों में आग लगने की आशंका से भयभीत लोग चीखते-चिल्लाते जान बचाने को बाहर भागे। घटना से करीब घंटेभर तक अफरातफरी मची रही। लोगों ने इसकी जानकारी गोपसहसा उपकेंद्र को देकर सप्लाई बंद कराई। घटना को लेकर गांववालों ने बिजली विभाग के अफसर, कर्मियों के प्रति गुस्सा है। आरोप है कि फुंका ट्रांसफार्मर को सप्लाई के लिए जुड़ा हाईवोल्टेज तार नहीं काटे जाने से यह घटना हुई है।