दोआबा में नवरात्रि की तैयारी अभी से ही तेज हो गई है। पंडालों में स्थापित कराने के लिए भक्तों ने जहां एक ओर मूर्तियों की बुकिंग कराना शुरु कर दिया है। वहीं, मूर्तिकार भी भक्तों की डिमांड के हिसाब से प्रतिमाओं का निर्माण करने में जुट गए हैं।
नवरात्रि का त्योहार 1 अक्टूबर से शुरु हो रहा है। इस पर्व पर जिले में जगह-जगह पर भक्त पंडाल सजाकर मां भगवती की प्रतिमा स्थापित कराते हैं। नौ दिनों तक अलग-अलग रुप में मां का पूजन करते हैं। पंडालों में स्थापित कराने के लिए भक्तों ने अभी से ही मूर्तियों को बुक कराना शुरु कर दिया है। जिले के ओसा चौराहे के समीप नया पुरवा में हमेशा की तरह इस साल भी बिहार समेत अन्य प्रांतों से मूर्तिकार आए हैं।
वह भक्तों की मांग के हिसाब से मूर्तियां बना रहे हैं। मंझनपुर थाना क्षेत्र के चक थांभा गांव का रहने वाले मूर्तिकार बाल किशोर ने बताया कि इस साल पांच हजार रुपये से मूर्तियों की शुरुआत हो रही है। अभी तक तकरीबन 70 मूर्तियां बुक हो चुकी हैं। इसमें लोगों ने 20 हजार रुपये से ऊपर की मूर्ति ही बुक कराई है। कुछ ऐसा ही कहना दूसरे मूर्तिकारों का भी है। इससे साफ है कि इस बार पंडालों में महंगी और आकर्षक मूर्तियां अधिक संख्या में देखने को मिलेंगी।
बड़ी मूर्तियों की मांग ज्यादा
नवरात्रि में पंडाल सजवाने वाले भक्तों में बड़ी मूर्तियों की मांग ज्यादा है। यूं तो मूर्तियां दो से आठ फीट तक ऊंची बनाई जाती हैं। मगर बड़ी मूर्तियों की बुकिंग ज्यादा होती है। वहीं भक्तों की डिमांड पर दस से 12 फीट ऊंची मूर्ति भी बनाई जा रही है।
मूर्तियों के बढ़ गए दाम
इस बार मूर्तियों के दाम भी बढ़े हैं। दाम में करीब पांच सौ से एक हजार रुपये का इजाफा हुआ है। वहीं, मूर्ति की सजावट को लेकर भी दाम तय होते हैं। गोल्डेन गहने और लाल चुनरी वाली की मांग भी ज्यादा है और दाम भी ज्यादा। अकेले मां दुर्गा और शेर की मूर्ति से ज्यादा महंगी मूर्ति महिषासुर के साथ वाली है।