मंझनपुर। डीएम मनीष वर्मा की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट के वासवदत्ता सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गयी। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी के अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी ने स्पष्टीकरण तलब करने का निर्देश सीडीओ को दिया। कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर समय से न पहुंचाने के साथ ही टीकाकरण में लापरवाही बरतने पर सभी सीडीपीओ का वेतन रोकने का भी निर्देश दिया। डीएम ने स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दिया।
बैठक में डीएम ने आयुष्मान भारत, एमसीटीएस, जननी सुरक्षा, परिवार कल्याण कार्यक्रम, टीकाकरण कार्यक्रम, नगरीय स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय अन्धता निवारण कार्यक्रम, पीसीपीएनडीटी तथा राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम सहित अन्य स्वास्थ्य सम्बन्धी योजनाओं की विन्दुवार समीक्षा की। बैठक में जिला कार्यक्त्रस्म अधिकारी के अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी ने स्पष्टीकरण जारी करने का निर्देश मुख्य विकास अधिकारी को दिया है।
जिलाधिकारी ने कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर समय से न पहुंचने के साथ ही नियमित टीकाकरण न कराने पर सभी सीडीपीओ का वेतन रोके जाने का निर्देश दिया है। आयुष्मान भारत योजना के तहत बनाए जा रहे गोल्डन कार्डों की धीमी प्रगति पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को सख्त हिदायत दिया। उन्होनें सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित कराने तथा प्रसूताओं को मिलने वाले इन्सेन्टिव का भुगतान समय से उनके खाते में प्रेषित किए जाने का निर्देश दिया है। प्रसव होने के बाद प्रसूताओं को अस्पताल में 48 घंटे अवश्य रखें। ताकि प्रसूता एवं बच्चे का निरंतर स्वास्थ्य परीक्षण किया जा सके। आशाओं को घर-घर भेजकर गर्भवती महिलाओं का चिन्हीकरण और रजिस्ट्रेशन कराने का निर्देश दिया। ऐसी महिलाओं का पहले से ही बैंक में खाता खुलवाना सुनिश्चित करें। चिकित्सकों को समय से अस्पताल में बैठने के साथ ही मरीजों को अस्पताल से ही दवायें उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। बैठक में सीडीओ इंद्रसेन सिंह, सीएमओ डॉ. पीएन चतुर्वेदी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. हिन्द प्रकाशमणि सहित स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।