मानसूनी बारिश के बाद सितंबर-अक्तूबर माह डेंगू, मलेरिया सरीखी संक्रामक बीमारियों के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम कोरोना की जांच व संक्रमित मरीजों के उपचार में लगी होने से दूसरी बीमारियों से पीड़ितों की जांच तक नहीं हो पा रही है। मलेरिया और डेंगू फैलने की आशंका के बीच पिछले साल की तुलना में सिर्फ एक तिहाई मरीजों की ही स्लाइड ली जा सकी है।
बरसात के बाद अक्सर मलेरिया और डेंगू लोगों को अपनी गिरफ्त में लेता है। इसके लिए मलेरिया विभाग संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत अभियान चलाता है। पिछले साल अभियान के तहत 52,665 मरीजों की स्लाइड ली गई थी। इनमें से 147 लोग मलेरिया और 86 लोग डेंगू पीड़ित मिले थे। इस साल केवल 18,849 मरीजों की ही स्लाइड ली जा सकी है। इस साल अभी तक विभागीय आंकड़ों में सिर्फ एक डेंगू पीड़ित मिला है।
सीएमओ डॉ. पीएन चतुर्वेदी का कहना है कि डेंगू की आशंका को लेकर सीएचसी और पीएचसी पहुंचने वाले मरीजों की स्लाइड बनाकर जांच कराने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जिले के 86 संवेदशील इलाकों में सर्वे भी शुरू कर दिया गया है। लेकिन, हकीकत में पूरी स्वास्थ्य टीम कोविड जांच और संक्रमितों के इलाज में लगी होने के कारण दूसरे मर्ज से पीड़ितों को उपचार नहीं मिल पा रहा है। मजबूरी में मरीजों को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. अनुपमा बताती हैं कि डेंगू, मलेरिया, वायरल फीवर और कोरोना के अधिकतर लक्षण एक जैसे हैं। डेंगू और मलेरिया के कई मरीज कोरोना जांच के डर से सरकारी अस्पताल नहीं पहुंच रहे हैं।
जिले में बुखार से अब तक दस लोगों की गई जान
मंझनपुर। इस साल सितंबर के दूसरे पखवाड़े से लेकर अब तक जिले के अलग-अलग गांवों में दस लोगों की मौत हो चुकी है। मरने वालों में नगर पालिका भरवारी के मुजाहिदपुर गांव में मां.बेटी समेत छह व कड़ा क्षेत्र के थुलगुला गांव में चार लोग शामिल हैं। निजी चिकित्सक और लैब सभी की मौत डेंगू से बता रहे हैं। वही, स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि इस साल अब तक जिले में डेंगू से कोई मौत नहीं हुई है।
जिले में जांच की व्यवस्था नहीं, मंडलीय लैब से हफ्ते भर बाद भी नहीं आई रिपोर्ट
मंझनपुर। डेंगू बुखार की जांच के लिए जिले में कोई सरकारी अथवा प्राइवेट लैब नहीं है। प्रयागराज के मेडिकल कॉलेज में मंडल का इकलौता लैब है। कोरोना की जांच के कारण वहां भी दूसरी जांचें नहीं हो पा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें मुजाहिदपुर और थुलगुला से करीब 50 मरीजों की स्लाइड लेकर जांच के लिए लैब भेजा था। मगर हफ्ते भर बाद भी लैब से रिपोर्ट नहीं आई है। सीएमओ का कहना है कि सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में डेंगू जांच के लिए कार्ड की व्यवस्था की गई है। हालांकि, कार्ड की जांच बहुत विश्वनीय नहीं मानी जाती है। फिर भी लक्षणों के आधार पर मरीज का इलाज किया जा रहा है।
डेंगू से बचाव के उपाय
. डेंगू का मच्छर दिन में काटता है, पूरा बदन ढकने वाले कपड़े पहनें
. घर के आसपास गमलों और पुराने टायरों में पानी जमा न होने दें
. कूलर का पानी बदलते रहें और फ्रिज के पीछे लगी ट्रे की नियमित सफाई करें
. मच्छरदानी और मच्छरों को भगाने वाले क्वॉयल का प्रयोग करें
. बुखार आने पर डाक्टर से सलाह लें
डेंगू के लक्षण
. तेज बुखार, मांसपेशियों, जोड़ों में दर्द
. जी मचलना और उल्टी आने जैसा महसूस होना
. आंखों में दर्द और ग्रंथियों में सूजन
. त्वचा पर लाल चकत्ते और थकान महसूस होना