सकट का त्योहार नजदीक आते ही घरों से लेकर बाजारों तक रौनक दिखाई देने लगा है। छह जनवरी को यह त्योहार लोग अपने-अपने परिवारों के बीच में मनाएंगे। बाजारों में खाने-पीने व कपड़ों से लेकर पूजा सामग्री तक की दुकानें सज गई हैं। ऐसे में खरीदारी कर ग्राहक दुकानदारों के सकट हर रहे हैं।
कृष्ण पक्ष चतुर्थी को सकट के त्योहार के नाम से जाना जाता है। इस दिन पुत्रवती महिलाएं उपवास रखती हैं। शाम को चंद्रोदय के बाद पूजा करती हैं। त्योहार को लेकर बाजार में दुकानों की रौनक साफ दिखाई देने लगी है। बाजार में सकट (गणेश) पूजा के लिए गुड़, तिल, लाई, फल, सूप, दौरा, टोकरी, और मिट्टी के बर्तनों सहित अन्य पूजा सामग्रियों की खरीदारी करते लोग दिखाई दे रहे हैं।
बहन-बेटियों के यहां भेजा जाता है पूजन सामग्री
दोआबा में लोग सकट को धूमधाम से मनाते हैं। मान्याता है कि इस त्योहार पर पुत्रवती महिलाओं को मायके से पूजन की सारी सामग्रियां ससुराल भेजी जाती है।
इतने में मिल रही सामग्रियां
काला तिल 300
सफेद तिल 120-160
राम दाना 100
सिंघाड़ा 150
शकरकंद 30
अमरूद 50
नोट- सभी दाम प्रति किलो में
सरसों के तेल में आई गिरावट
मंझनपुर। कड़ाके की ठंड के बावजूद बाजारों में खाद्य तेल सहित अन्य सामग्रियों की खरीदारी करने के लिए दुकानों पर भीड़ बढ़ गई है। व्यापारियों के अनुसार इन दिनों सरसों का तेल 170 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है, जबकि कुछ समय पहले इसका भाव 200 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया था। दाम घटने से लोगों ने राहत महसूस की है और खरीदारी में तेजी आई है। दुकानदार ओम प्रकाश का कहना है कि ठंड के बावजूद श्रद्धा और परंपरा के चलते बाजारों में उत्साह का माहौल बना हुआ है।