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गम में डूबी बस्ती, नहीं जले चूल्हे

Fri, 06 Feb 2015 11:58 PM IST
रमन तिवारी/अमर उजाला कौशाम्बी
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बिसारा (कौशाम्बी)। जहरीली शराब पीने से 4 मजदूरों की मौत से बिदनपुर गांव के लोग सकते में हैं। शुक्रवार को भी पूरे गांव में मातम पसरा रहा। दलित बस्ती में तो दो दिन से चूल्हा ही नहीं चला है। वहीं गांव का सन्नाटा नाते-रिश्तेदारों के आने पर महिलाओं की चित्कार से ही टूट रहा था।
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बता दें कि जहरीली शराब पीने से बिदनपुर आमद करारी (कोखराज) के मजदूर महेंद्र, श्रीपति, विशेषर और अमरनाथ की बुधवार की रात मौत हो गई थी। इन मजदूरों नेे चकेरी कानपुर में मंगलवार की रात शराब पी थी। गांव के 4-4 मजदूरों की मौत से बिदनपुर दलितबस्ती गम में डूबी है। घटना को 36 घंटे बीतने के बाद भी शुक्रवार को भी दिनभर गांव में मातमी सन्नाटा पसरा रहा।

पीड़ित घरों के साथ ही दलित बस्ती के सभी 30 घरों में दो दिन से चूल्हा नहीं चला है। गांव की अन्य बस्ती के लोग पीड़ित घरवालों को ढांढस बंधाते हुए उन्हें कुछ न कुछ खिलाने का असफल प्रयास करते दिखे। वहीं हादसे में पिता को गंवाने वाले मासूम बच्चों के आंसू पोंछने की हरसंभव कोशिश भी ग्रामीण कर रहे हैं। बता दें कि जहरीली शराब पीकर जान गंवाने वालों में विशेसर और अमरनाथ के एक-एक बेटे तो बड़े हो गए हैं। पर, महेंद्र और श्रीपति के बच्चे तो अभी एकदम छोटे हैं।
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इससे इन दोनों परिवार पर इस हादसे से बज्रपात हुआ है। बता दें कि महेंद्र के दो बच्चे शनि (6) और सचिन (4) हैं। वहीं श्रीपति की बड़ी बेटी रानी अभी सिर्फ 14 साल की है। उसके  अन्य बच्चों में अंकित (12), खुशी (9), राहुल (7) है। ऐसे में महेंद्र और श्रीपति के घर अब निवाले का इंतजाम भी मुश्किल होगा।
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