बिजली विभाग में कार्यरत निजी लाइनमैनों की मनमानी से किसानों का हाल बेहाल है। किसानों को फाल्ट सही कराने के नाम पर सौ से दो सौ रुपया लाइनमैन को देना पड़ता है। किसानों का कहना है कि अब तो विभाग ने सारी हदें ही पार कर दी। दिन में दो से तीन बार जानबूझ कर फाल्ट किया जाता है। शिकायत के बाद भी बिजली विभाग के अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
कूरामुरीदन पावर हाउस से जुडे़ लच्छीपुर फीडर से 43 निजी नलकूप का संचालन किया जाता है। इस इलाके के किसानों ने बड़े पैमाने पर खेतों में खीरा, खरबूजा, तरबूज, मूंग और उर्द की फसल बो रखी है। भीषण गर्मी के कारण किसानों को हर तीसरे दिन खेत में पानी लगाना पड़ रहा है। किसानों की इसी मजबूरी का फायदा पावर हाउस में तैनात निजी लाइनमैन उठा रहे हैं। फाल्ट सही करने के नाम पर नलकूप संचालकों से सौ से दो सौ रूपया वसूला जा रहा है। नलकूप संचालक अवधेश निर्मल, अजय चौधरी, पुत्तन पटेल, श्यामबाबू और मुन्ना सिंह का कहना है कि अब तो विभाग ने सारी हद ही पार कर दी है।
एक दिन में दो से तीन बार फाल्ट करके वसूली की जा रही है। किसान न चाहते हुए भी अपनी फसल बचाने के चक्कर में लाइनमैनों की मनमानी के आगे घुटने टेकने को मजबूर है। सौरई गांव के त्रिभुवन त्रिपाठी का कहना है कि शनिवार की शाम साढ़े चार बजे फाल्ट हुआ था। इसकी सूचना बिजली विभाग को दी गई। रविवार की सुबह साढ़े नौ बजे प्राइवेट लाइनमैन कमलेश ने आकर फाल्ट सही किया। शाम चार बजे आपूर्ति चालू की गई। इसके महज 20 मिनट बाद फिर से फाल्ट कर दिया गया। जबकि सुबह कमलेश ने सौ रूपया लेकर फाल्ट सही किया था। इसकी शिकायत अवर अभियंता आशीष मौर्या से की गई। त्रिभुवन का कहना है कि जेई ने कहा कि जब समय मिलेगा तो फाल्ट सही करा दिया जाएगा।