देवरिया। बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट को ही जिंदगी का रिजल्ट मान चुके दो परीक्षार्थियों ने मायूसी में जान दे दी। इंटर की परीक्षार्थी चौरीचौरा के पास ट्रेन के आगे कूद गई तो हाईस्कूल का छात्र बैतालपुर में ट्रेन से कट गया। दोनों गौरीबाजार थाना क्षेत्र के ही निवासी हैं। परीक्षार्थियों के इस कदम से उनके परिवारवाले सदमे में है। रो-रोकर उनका बुरा हाल है। जीआरपी ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
गौरीबाजार थानाक्षेत्र के वासदेव की तीन संतानों में मुन्नादेव छोटा था। इलाके के करजहां गांव के एक इंटर कॉलेज में उसने इस साल हाईस्कूल की परीक्षा दी थी। शनिवार को रिजल्ट आया तो वह फेल हो गया। रिजल्ट के बाद से ही वह मायूस था। घरवालों के मुताबिक शाम को वह अचानक घर से निकला और फिर लौटकर नहीं आया। रात में वह बैतालपुर रेलवे स्टेशन पर किसी ट्रेन के सामने कूद गया। परिवारवालों ने उसकी खोजबीन की, लेकिन जब नहीं मिला तो मायूस होकर सो गए। रविवार की सुबह मुन्नादेव का ट्रैक पर शव मिला। सूचना पर पहुंची जीआरपी ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मां सिरजावती ने बताया कि बड़ा बेटा जगदीश दर्जी है। दूसरा बेटा हरीश कुछ काम सीख रहा है। छोटा मुन्नादेव पढ़ाई करता था। उधर, गौरीबाजार कस्बा के अतरडीहा किसाननगर निवासी राजेंद्र यादव की बेटी शालू यादव 12वीं में फेल होने पर चौरीचौरा में मालगाड़ी के सामने कूद गई। वह शनिवार की शाम घर से बिना बताए निकली थी। रात में उसकी मौत की खबर पहुंची। घरवालों के मुताबिक शालू पढ़ाई में ठीक थी। 12वीं की परीक्षा में फेल होने पर वह अवसाद में चली गई। शाम को घर से निकली और ट्रेन से कटकर जान दे दी। जीआरपी इंस्पेक्टर राजेश कुमार सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।