कोखराज। चर्चित सिहोरी कांड में वांछित चल रहे गोवंश के हत्यारोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए बदमाश की गिरफ्तारी के लिए 15 हजार का ईनाम घोषित किया गया था। पुलिस ने पकड़े गए आरोपी के पास से एक तमंचा व दो कारतूस भी बरामद करने का दावा किया था।
भाजपा सरकार बनने के बाद गोवंश तस्करी तत्काल रोक लगाए जाने का आदेश हुआ था। सरकार बनने के कुछ दिनों बाद ही कोखराज पुलिस को खबर मिली कि सिहोरी गांव में गोवंश की हत्या की जा रही है। कोतवाली के उपनिरीक्षक राजाराम ने अपने हमराही सिपाहियों के साथ छापेमारी की। मनबढ़ तस्करों ने दरोगा के सिर पर चापड़ से हमला कर दिया। सिपाही जान बचाकर भागे थे। तत्कालीन एसपी वीके मिश्रा ने पीएसी व फोर्स के साथ घेराबंदी की। इस पर पशु तस्कर पुलिस पर फायरिंग करते हुए भाग निकले। मौके पर तीन गोवंश के सिर व खाल बरामद हुई थी। दरोगा का प्रयागराज के अस्पताल में इलाज कराया गया। दरोगा की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की।
इस मामले की विवेचना क्राइम ब्रांच कर रही है। छानबीन के दौरान पुलिस ने विवेचना में खेल किया। क्राइम ब्रांच में रहे एक इंस्पेक्टर ने तीन लोगों को नाम विवेचना से हटा दिया, जबकि वह लोग मुख्य संदिग्ध बताए गए थे। इधर एसटीएफ इलाहाबाद ने पशु तस्करी में लिप्त लोगों से पूछताछ में कौशाम्बी के पुलिस कर्मियों की मिली भगत कुबूल की तो हड़कंप मच गया। जिले के एक चौकी प्रभारी व तीन पुलिस कर्मियों को सस्पेंड किया गया। एक सिपाही लाइन हाजिर किया गया। सिहोरी कांड को लेकर किए गए पुलिसिया खेल के बाबत अमर उजाला ने सोमवार के अंक में ‘सिहोरी कांड में नामजद पूर्व प्रधान व उसक भाई को मिली क्लीन चिट’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की।
खबर का असर रहा कि पुलिस को फरार चल रहे संदिग्धों की याद आ गई। मामले में आरोपी बनाए गए सिहोरी के गांव के सलमान अहमद पुत्र मुकीम उद्दीन को बुधवार की शाम गिरफ्तार किया गया। सलमान की गिरफ्तारी के लिए 15 हजार का ईनाम घोषित किया गया था। इंस्पेक्टर उदयवीर सिंह ने बताया कि सलमान काफी दिनों से पुलिस को चकमा दे रहा था। सलमान के पास से एक तमंचा व दो कारतूस भी बरामद किया गया है।