करारी (कौशाम्बी)। रहस्यमय हालात में मंगलवार की रात लगी आग से अमुरा गांव के किसान का घर जल गया। सो रहे घर के लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई। चीख-पुकार और घर से उठती लपटें देख जुटे ग्रामीणों ने घंटों जूझने के बाद आग पर काबू पाया। हादसे में बिस्तर, बर्तन, कपड़े समेत पूरी गृहस्थी खाक हो गई। भुक्तभोगी की मानें तो आग से उसे करीब दो लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उधर, घर में आग कैसे लगी, इसकी किसी को जानकारी नहीं है। माना जा रहा है कि रात चूल्हे की आग ठीक तरीके से नहीं बुझाने से यह हादसा हुआ है।
करारी कोतवाली क्षेत्र के अमुरा गांव निवासी राज बहादुर किसान है। मंगलवार की रात वह पत्नी और तीन बच्चों के साथ मकान की छत पर बने छप्पर में सो रहा था। रात करीब 11.30 बजे अचानक उसके मकान में आग लग गई। घर के निचले हिस्से में लगी आग कुछ ही देर में उसके पूरे मकान को अपनी आगोश में ले लिया। आग की तपिश पर नींद टूटी, तो पूरा घर लपटों से घिरा देख राजबहादुर, उसकी पत्नी के होश उड़ गए। पति-पत्नी चीखते चिल्लाते बच्चों को लेकर भागकर किसी तरह अपनी जान बचाई। उधर, चीख-पुकार और मकान से उठती लपटें देख गांववाले जुट गए। ग्रामीणों ने नलकूप चलाकर आग बुझाने की कोशिश शुरू की।
करीब तीन घंटे तक जूझने के बाद गांववाले आग पर काबू पा सके। हालांकि जब तक आग बुझाई जाती। राज बहादुर का पूरा मकान और बिस्तर, बर्तन, कपड़े, खाद्यान्न के साथ ही 1200 रुपये भी जल गए। गर्मी के इस मौसम में घर चल जाने से परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया है। घर में आग लगने की सूचना पर बुधवार की सुबह लेखपाल अनिल कुमार भी गांव पहुंचे। उन्होंने आग से हुए नुकसान की रिपोर्ट बनाई। भुक्तभोगी के मुताबिक आग से उसे कम से कम दो लाख रुपये का नुकसान हुआ है।