पेयजल की समस्या से निजात दिलाने के लिए कस्बे में तीन दशक पहले स्थापित पानी का ओवरहेड टैंक जर्जर हो गया है और टंकी में दरारें आ गई हैं। पिलर और सीढ़ियां भी उखड़ने लगी हैं। लोगों का कहना है कि समय रहते इसे ध्वस्त नहीं कराया गया तो कभी भी दुर्घटना हो सकती है।
पेयजल के लिए वर्ष 1992 में कस्बे के किंगनगर मोहल्ले में जल निगम की ओर से 800 किलोलीटर की पानी की टंकी बनवाई गई थी। अंसार गंज मोहल्ले में पानी नहीं पहुंच पाने के कारण 2017 में अलग से पंप हाउस बनाकर पानी की सप्लाई की जाने लगी।
टंकी से कस्बे के 11 वार्ड के करीब 1500 कनेक्शन धारकों को जलापूर्ति की जा रही है। लोगों ने नगर प्रशासन ने कई बार नई पानी की टंकी बनवाने के लिए पत्र भी लिखा, लेकिन आज तक इसे बनाने के लिए कोई सुध नहीं ले रहा है।
तीन दशक पुरानी होने के कारण पानी की टंकी काफी जर्जर हो गई है। पांच साल पहले ही इसमें रिसाव शुरू हो गया था। वक्त रहते इसे ध्वस्त नहीं कराया गया तो कभी भी दुर्घटना हो सकती है। - निहाल मौर्य
पानी की टंकी की मियाद पूरी होने के बाद भी दूसरे टैंक का निर्माण नहीं कराया जा रहा है। समय रहते इसकी जगह दूसरी टंकी नहीं बनवाई गई तो आने वाले वक्त में पानी की दिक्कत और भढ़ जाएगी। - धर्मेंद्र मोदनवाल
कस्बे की पानी की टंकी जर्जर है। इस संबंध में कई बार शासन को पत्र लिखा गया। अभी तक कोई जवाब नहीं मिला। 28 मार्च को फिर से शासन को पत्र भेजा गया है। -शमशाद अहमद, चेयरमैन करारी
धर्मेंद्र मोदनवाल
धर्मेंद्र मोदनवाल