राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना (एनआरएलएम) समूह की 600 महिला सदस्य जल सखी बनकर ब्लाॅक की तीन लाख आबादी को पानी की बर्बादी बंद कर जल संरक्षण के प्रति जागरूक कर रही हैं। इसके अलावा पीने के पानी की गुणवत्ता की परख कर लोगों को साफ और स्वच्छ पानी प्रयोग करने की सलाह दे रही हैं।
साथ ही जल जीवन मिशन योजना में नल का कनेक्शन कराने सहित अन्य जानकारी देकर ग्रामीणों की मदद करती हैं। ब्लॉक में 600 महिला सदस्य का चयन जल जीवन मिशन की देखरेख व पानी की बर्बादी रोकने के लिए जल सखी के रूप में किया गया है। सखियों को जल जीवन मिशन से जुड़े एक एनजीओ के माध्यम से प्रशिक्षण देने के बाद जांच किट दी गई है।
2022 में स्वयं सहायता समूह से जुड़कर जल सखी बनी हूं। गांव में पानी बचाने और योजना की जानकारी देकर समस्याओं के समाधान में मदद कर रही हूं। - रीता देवी
जल जीवन मिशन से प्रशिक्षण के बाद पानी की जांच करती हूं और लोगों को स्वच्छ पानी पीने के लिए जागरूक करती हूं।- सुषमा भारतीय
जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ कनेक्शन और लीकेज की समस्याओं को सुलझाने में सहयोग कर रही हूं। -मंजू देवी
प्रशिक्षण के बाद दो साल से गांव में पानी की जांच और जल संरक्षण को लेकर लोगों को जागरूक कर रही हूं। - ज्ञानमती देवी
ब्लॉक में राष्ट्रीय आजीविका मिशन से जुड़ी 600 महिला सदस्य जल सखी के तौर पर लोगों को जानकारी देने के साथ पानी की बर्बादी रोकने के लिए लोगों को जागरूक करती हैं। - महेंद्र कुमार, एडीओ आईएसबी
ज्ञानमती देवी
ज्ञानमती देवी
ज्ञानमती देवी