दो अक्तूबर को पुलिस ने कुछ बदमाशों को पकड़ने का दावा किया था। पुलिस का कहना था कि अपराधियों ने पुलिस टीम पर बम से हमला किया। जिसमें पुलिस बाल-बाल बच गई। इसके बाद मुठभेड़ में आरोपी पकड़े गए।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सोशल मीडिया के माध्यम से कौशाम्बी पुलिस पर निशाना साधा है। एक्स पर किए गए पोस्ट के माध्यम से यूपी कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि कौशाम्बी की पुलिस सरकार के ईशारे पर अल्पसंख्यकों को आपराधिक मुकदमे में फंसा रही है।
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बता दें कि दो अक्तूबर को पुलिस ने कुछ बदमाशों को पकड़ने का दावा किया था। पुलिस का कहना था कि अपराधियों ने पुलिस टीम पर बम से हमला किया। जिसमें पुलिस बाल-बाल बच गई। इसके बाद मुठभेड़ में आरोपी पकड़े गए। पुलिस की इस थ्योरी को कांग्रेस ने गलत बताते हुए इस संबंंध में एक वीडियो फुटेज जारी किया है। जिसमें दिख रहा है कि बाइक पर सवार कुछ लोगों को पुलिस पकड़ रही है।
कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा है कि कौशाम्बी पुलिस ने दो अक्तूबर को चार जुआरियों की गिरफ्तारी दिखाई। जिनमें से तीन अल्पसंख्यक थे। गिरफ्तारियों के संदर्भ में पुलिस ने दावा किया कि छापेमारी के दौरान जुआरियों ने उन पर देशी बम और कट्टे से हमला किया। आज दो सीसीटीवी फुटेज आए हैं। जिन्होंने पुलिस के इस दावे की धज्जियां उड़ा दी हैं। इन दोनों फुटेजों में साफ़ नज़र आ रहा है कि गिरफ्तारी के वक़्त शोएब बाइक पर था। जबकि दूसरा मोबिन घर से उठाया गया। अब सवाल यह उठता है कि पुलिस ने इतना बड़ा झूठ बोला क्यों? क्या कारण है कि बाबा की पुलिस हर वक़्त अल्पसंख्यकों को अपराधी बताने के पीछे हाथ धोकर पड़ी रहती है? क्यों हर वक़्त यह सत्ता अल्पसंख्यकों को ही टारगेट बनाती है, क्यों?