Committee reached a truck fertilizer, farmers' ruckus
- फोटो : KAUSHAMBI
मुख्यालय की साधन सहकारी समिति पर बुधवार को एक ट्रक खाद पहुंची तो किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी। दोपहर बाद कर्मचारियों ने खाद बांटनी बंद की तो किसानों ने जमकर हंगामा किया। जिन किसानों को खाद नहीं मिली उन्होंने समिति के कर्मचारियों पर आरोप कई आरोप लगाए। किसानों का कहना था कि अपने चहेतों को देने के लिए खाद बांटनी बंद की गई।
किसानों ने फसलों की बुवाई के लिए खेत तैयार कर लिए हैं। अब उन्हें डीएपी और यूरिया की जरूरत है। लेकिन समितियों से खाद गायब है। किसान खाद की किल्लत से जूझ रहे हैं। ऐसे में वह गेहूं, आलू और सरसों सहित अन्य फसलों की बुवाई नहीं कर पा रहे हैं। हफ्ते भर बाद बुधवार को मुख्यालय मंझनपुर स्थित साधन सहकारी समिति में करीब 300 बोरी खाद पहुंची तो किसान टूट पड़े। सुबह खाद बंटनी शुरू हो गई। दोपहर करीब एक बजे कर्मचारियों ने खाद बांटनी बंद कर दी। इस पर जिन किसानों को खाद नहीं मिली, उन्होंने हंगामा करना शुरू कर दिया। किसानों ने कर्मचारियों पर मनमानी का आरोप लगाया। कहा कि अपने चहेतों को देने के लिए खाद बांटनी बंद कर दी गई।
जल्द ही दूर हो जाएगी खाद की किल्लत
जिले में खाद की किल्लत को दूर करने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है। दीपावली पर जिले में लाने के लिए खाद ट्रकों में लोड हो जाएगी। दीपावली के बाद खाद बड़ी मात्रा में जिले को उपलब्ध हो जाएगी।
समिति में खाद की कमी नहीं है। अब भी 70 बोरी के करीब खाद है। लेकिन कर्मचारियों से बात की गई तो बताया गया कि बैंक बंद हो जाता और रकम न जमा हो पाती, इसलिए खाद बांटनी बंद कर दी गई।
विनोद सिंह, एआर कोऑपरेटिव