Cold wave increased melting, no one should understand the relief from cold
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मौसम राहत देने को तैयार नहीं है। पहाड़ों पर बर्फबारी मैदानी क्षेत्र वालों के लिए भारी पड़ रही है। शीतलहर से बढ़ी गलन ने परेशानी बढ़ा दी है। लोग घरों में कैद रहने के लिए मजबूर हो रहे हैं। सोमवार को भी सर्दी का सितम बरकरार रहा। दिन में सूर्यदेव के दर्शन के बाजवूद सर्द हवाओं के आगे धूप की एक न चली। ठंड से राहत के लिए लोग तरह-तरह के जतन करते रहे। हालत यह है कि रात ही नहीं, दिन भी अलाव के सहारे कट रहा है।
पिछले तीन दिनों से चल रही शीतलहर ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। सुबह-शाम घने कोहरे और शीतलहर के कारण ठंड प्रचंड है। सोमवार को दिनभर बादल के साथ धुंध छाई रही।
जिले का न्यूनतम तापमान छह डिग्री व अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ठंड से बचाव के लिए लोग जगह-जगह अलाव से चिपके रहे। घर में भी रूम हीटर और ब्लोअर का सहारा लिया जा रहा है। उधर, सर्दी के कारण अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
ओपीडी में अधिकांश मरीज सर्दी के सताए पहुंच रहे हैं। गले में इंफेक्शन, खांसी, जुकाम, नजला और बुखार के सबसे अधिक मरीज हैं। फिजीशियन डॉ. हरिओम सिंह का कहना है कि ऐसी सर्दी में बच्चों और बुजुर्गों को बचकर रहने की अधिक आवश्यकता है।
किसानों को सता रहा पाले का डर
मौसम के बदले रुख के चलते आलू और सरसों की फसल को लेकर किसान चिंतित हैं। पाले का डर सता रहा है। दो दिनों से धूप के बावजूद सर्द हवाएं चल रही हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि हवाओं के रुकने के बाद कोहरा दस्तक दे सकता है। इसका असर आलू व सरसों की फसल पर ज्यादा देखने को मिलेगा। सर्दी से फसल के बचाव के लिए लोगों ने कवायद शुरू कर दी है