भाजपा नेता व जिला पंचायत सदस्य के पति राजीव मौर्या के लापता मामले में नया मोड़ आ गया है। सैनी कोतवाली में दर्ज उनके गुमशुदगी के मामले को पुलिस ने अपहरण में तरमीम कर (परिवर्तित कर) विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस की तीन टीमें लगातार राजीव का पता लगाने के लिए पड़ोसी जिलों के होटल, ढाबों की फुटेज खंगाल रही हैं।
सैनी कोतवाली के गुलामीपुर निवासी भाजपा नेता डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के करीबी हैं। 19 जनवरी की रात राजीव ने अपनी स्कॉर्पियो से जिला अस्पताल जाने की बात कहकर निकले थे। अगले दिन राजीव की स्कॉर्पियो कोखराज कोतवाली के हाईवे पर स्थित एक होटल के पास लावारिस हालत में खड़ी मिली। पुलिस ने होटल में ल
गे कैमरे की फुटेज देखी तो मालूम चला कि वह खुद ही अपनी गाड़ी से उतरकर कानपुर की तरफ जा रही जनरथ बस में सवार होकर निकले थे। सैनी कोतवाली पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू की। एएसपी समर बहादुर के निर्देश पर खुलासे के लिए तीन टीमों का गठन किया गया। पुलिस की टीमें पड़ोसी जनपदों की पुलिस से मदद लेकर होटल, ढाबों की फुटेज खंगाल रही हैं।
सोमवार को पुलिस ने राजीव के लापता होने के मामले में दर्ज गुमशुदगी के मामले को अपहरण में दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। इस बाबत सीओ सिराथू योगेंद्र कृष्ण नारायण सिंह का कहना है कि कुछ सुराग हाथ लगे हैं। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।