संदीपनघाट क्षेत्र के अमनी लोकीपुर गांव के पास रेलवे ट्रैक के किनारे सप्ताहभर पहले मिले शव की पहचान पन्नोई निवासी मंजेश कुमार (20) के रूप में हुई है। मंगलवार को गुमशुदगी दर्ज कराने थाने पहुंची मां ने तस्वीर देखकर शव की पहचान अपने बेटे के रूप में की। पन्नोई निवासी संतोष कुमार ईंट भट्ठे पर मजदूरी करते हैं। उनका दूसरे नंबर का बेटा मंजेश कुमार (20) प्राइवेट लाइनमैन था। परिजनों के अनुसार 14 मई की शाम मंजेश खेत की ओर जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। परिजनों ने रिश्तेदारों और परिचितों के यहां तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला।
मंगलवार को मंजेश की मां शीला देवी बेटे की गुमशुदगी दर्ज कराने संदीपनघाट कोतवाली पहुंचीं। पूछताछ के दौरान पुलिस ने 14 मई को अमनी लोकीपुर गांव के पास रेलवे ट्रैक किनारे मिले क्षत-विक्षत शव की तस्वीर दिखाई। तस्वीर देखते ही महिला ने शव की पहचान अपने बेटे मंजेश कुमार के रूप में की।
पुलिस ने बताया कि शव की पहचान नहीं होने के कारण पोस्टमार्टम के बाद सोमवार को गौसपुर गांव स्थित गंगाघाट किनारे अंतिम संस्कार करा दिया गया था। मृतक के बड़े भाई सोमनाथ ने कहा कि किसी ने उसकी हत्या कर शव रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया, ताकि मामला आत्महत्या का प्रतीत हो।