भारी बहुमत से भाजपा की सरकार बनने के बाद नेताओं की निगाह ब्लॉकों व जिला पंचायत पर भी टिक गई है। अविश्वास कराकर ब्लाकों व जिला पंचायत पर भी कब्जा करने की तैयारी तेज हो गई है। इसके लिए समय से पहले ही भाजपा नेताओं ने गुणा-गणित अभी से लगाना शुरू कर दिया है। सरकार का गठन होने के बाद यह प्रक्रिया एकदम से तेज होने की संभावना भी है। इसको लेकर ब्लॉक प्रमुख व जिला पंचायत अध्यक्ष की नींद उड़ी हुई है।
जिले की तीनों सीटों पर कब्जा जमाने के बाद भाजपा नेताओं की निगाह जिला पंचायत पर भी टिक गई है। जिला पंचायत अध्यक्ष मधुपति वाचस्पति हैं। उनकी लाल बत्ती लगी एंबेस्डर अभी से लोगों की निगाह में खटकने लगी है। हालांकि अविश्वास के लिए अभी समय नहीं है। दो साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद ही अविश्वास लाया जा सकता है। इसके बाद भी नेताओं ने समय पूर्व ही इसकी तैयारी तेज कर दी है, ताकि अविश्वास का माकूल वक्त आते ही वह एकदम से हावी हो जाएं। सत्ता की हनक पर जिला पंचायत पर कब्जा करने की तैयारी शुरू है। जिला पंचायत सदस्यों से भी इस संबंध में बातचीत का दौर तेज हो चुका है। होली पर्व में जिला पंचायत सदस्यों से भाजपा नेताओं की मुलाकात यही इशारा कर रही है। इसके अलावा ब्लाक प्रमुखों को भी बाहर का रास्ता दिखाने की कोशिशें तेज है। अविश्वास के खतरे से ब्लॉक प्रमुख व जिला पंचायत अध्यक्ष वाकिफ हैं। यही कारण है कि वह सदस्यों को अपने-अपने पक्ष में रखने का अभी से पूरा प्रयास किया जा रहा है, ताकि आने वाले दिनों में ऐसी स्थिति आने पर समस्या का सामना न करना पड़े।
अविश्वास की एक कोशिश हो चुकी है नाकाम
सपा सरकार के कार्यकाल में जिला पंचायत अध्यक्ष रहे राजेश कुशवाहा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था, लेकिन इसमें सपाई काम कामयाब नहीं हो सके थे। अविश्वास का कोरम पूरा नहीं हो सका था, इससे सपा को तगड़ा झटका लगा था। राजेश कुशवाहा को सपा में रहे अजय पटेल ने चुनौती दी थी।