Bleaching powder sprayed in emergency ward
- फोटो : KAUSHAMBI
इमरजेंसी वार्ड में कराया गया ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव
जिला अस्पताल में गुरुवार रात एंबुलेंस से आया था खांसी पीड़ित
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। कोरोना का खौफ आम आदमी के अलावा स्वास्थ्यकर्मियों के सिर चढ़कर बोल रहा है। खांसी-जुकाम के मरीज में भी उन्हें कोरोना संक्रमण नजर आने लगा है। गुरुवार रात खांसी से पीड़ित एक व्यक्ति जिला अस्पताल पहुंचा तो अफरातफरी मच गई। मरीज को अस्पताल के ट्रामा विंग में भेजा गया। वहीं रात में ही ब्लीचिंग से इमरजेंसी वार्ड की धुलाई कराई गई।
गुरुवार रात सदर कोतवाली इलाके के एक गांव का एक किसान अपने खेत में बोई भिंडी की रखवाली कर रहा था। इस दौरान उसे तेज खांसी आने लगी। युवक की हालत बिगड़ती देख किसी ने 108 एंबुलेंस को खबर कर दी। सूचना पर पहुंची एंबुलेंस मरीज को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाई। मरीज को अस्पताल परिसर में कोरोना संदिग्धों के लिए बने ट्रामा विंग स्थित आइसोलेशन सेंटर ले जाने के बजाय कर्मियों ने उसे अस्पताल की इमरजेंसी में उतार दिया। यह मरीज जैसे ही इमरजेंसी कक्ष में चिकित्सक के पास पहुंचा तो हड़कंप मच गया। सूत्रों की मानें तो मरीज का इलाज किए बगैर उसे तत्काल आइसोलेशन सेंटर भेज दिया गया। इसके बाद भी अस्पतालकर्मियों का खौफ कम नहीं हुआ। इमरजेंसी ड्यूटी रूम से लेकर बाहर के बरामदे तक रात में ही ब्लीचिंग से धुलाई कराई गई। दीवारों पर पानी में घोल कर ब्लींचिंग का छिड़काव किया गया। हालांकि इससे दीवारों का पेंट खराब हो गया है। शुक्रवार को जो भी स्टाफ ड्यूटी के लिए पहुंचा वह भी खौफजदा दिखा। कर्मियों ने हाथ में ग्लब्स, मास्क के अलावा सिर व पैर को जूते से कवर कर रखा था।