गांवों में छिपे जमातियों की पुलिस तलाश कर रही है। एसपी ने सभी थानेदारों को आदेश दिया है कि वे चौकीदार और पुलिस मित्रों की मदद से गांवों में छिपे जमातियों को चिह्नित करें और उनकी जांच कराएं। पुलिस की टीम देखकर जमाती भाग रहे हैं।
जिले में कोरोना के छह मरीज मिलने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। जिलेभर की मस्जिदों और मदरसो में रहने वाले जमातियों को खोजने के लिए गांव-गांव अभियान चलाया गया है।
एसपी ने सभी थाना प्रभारियों को आदेश जारी कर बाहर से आए जमातियों को चिह्नित करने और उनकी जांच कराने के लिए कहा है। सोमवार को कोहड़ौर इलाके के भावापुर मस्जिद में ठहरे लोगों की जांच करने पुलिस पहुंच गई। मस्जिद में क्वारंटीन लोगों की स्वास्थ्य टीम बुलाकर जांच कराई गई।
यहां पर डेढ़ माह से नौ जमाती उत्तराखंड और देहरादून से आकर ठहरे हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची और 11 लोगोें का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा है।
उधर, कंधई इलाके के मीरनपुर और पड़री जबर गांव में कई जमाती परइया नदी में स्नान करते दिखाई पड़े। ओझला गांव के लोगों ने पूछताछ करने का प्रयास किया तो उन्होंने कुछ नहीं बताया। लोगों ने पुलिस को सूचना दी तो वहां से चले गए।
कई इलाकों में जमातियों के ठहरने की आशंका
पुलिस प्रशासन को आशंका है कि मानधाता, कटरामेदनीगंज, सिटी, रानीगंज के दुर्गागंज सहित कुछ अन्य गांवों में जमाती ठहर सकते हैं। सभी थानाध्यक्ष चौकीदारों के साथ पुलिसमित्रों और अपने सूत्रों से उनके बारे में जानकारी जुटा रहे हैं।
कोरोना वायरस पर काबू पाने और बाहर से आने के बाद छिपकर बैठे जमातियों की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस मित्रों के साथ चौकीदार, ग्राम प्रधान और बीट सिपाहियों को इसके लिए लगाया गया है।
दिनेश द्विवेदी, एएसपी पश्विमी।