बुधवार को सैनी के पंचायत भवन में भूमि अधिग्रहण एवं मुआवजे को लेकर सकारात्मक बैठक हुई। बैठक में एनएचएआई के अफसर और तहसीलदार सिराथू राजस्व टीम के साथ मौजूद रहे। प्राधिकरण के अधिकारियों ने सड़क चौड़ीकरण व फ्लाईओवर बनाए जाने से प्रभावित परिवारों को आश्वस्त किया कि अगर सैनी 1952 से पहले पूर्व आबाद है तो प्रभावित परिवारों को जमीन का भी मुआवजा प्राधिकरण की तरफ से दिया जाएगा। ।
सिराथू तहसील का सैनी गांव हाईवे किनारे बसा हुआ है। यहां एनएचएआई हाईवे को सिक्स लेन में तब्दील करने के साथ ओवरब्रिज का निर्माण करवा रहा है। सैनी चौराहे से कानपुर की तरफ 80 फीसदी काम भी पूरा हो चुका है। बाजार में शुरू से मुआवजे को लेकर पैदा हुए विवाद के कारण अब तक अतिक्रमण की जद में आए चिह्नित परिवारों ने अपने भवन को नहीं गिराया था। इस बाबत बुधवार को सैनी स्थित पंचायत भवन में बैठक बुलाई गई थी।
बैठक में एनएचएआई की ओर से प्रबंधक तकनीकी पीसी पांडेय, प्रबंधक भूमि अधिग्रहण पवन कुमार, तहसीलदार सिराथू संतोष कुमार, नायब तहसीलदार अंकिता पाठक, लेखपाल रोहित अग्रहरि मौजूद रहे। बैठक में प्रभावित परिवारों का पक्ष सुनने के बाद पीसी पांडेय ने कहा कि अगर सैनी गांव 1952 से पहले का आबाद है तो भूमि का मुआवजा दिए जाने के लिए प्राधिकरण के पास प्रावधान है। बैठक में ही लेखपाल से इस बाबत पूछा गया तो उसने इस बात की पुष्टि की कि राजस्व रिकार्ड में सैनी गांव आजादी के पूर्व से ही आबाद रहा है।
भाजपा नेता घनश्याम केसरवानी ने पूर्व में की गई नाप पर असंतुष्टि जताई। कहा कि जमीन की नाप सही नहीं हुई है। जनहित में दोबारा नाप होनी चाहिए। इस पर भी बात बन गई। तहसीलदार ने कहा कि वह एसडीएम से बात कर नाप फिर से करा देंगे। बैठक में श्रवण पटेल, ऊधौश्याम, विजय केसरवानी, अश्वनी सिंह, दिनेश गुप्ता समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
आज एसडीएम से मिलेगा एक प्रतिनिधि मंडल
जमीन की फिर से नाप कराए जाने के लिए बृहस्पतिवार को एक प्रतिनिधिमंडल एसडीएम सिराथू से मुलाकात करेगा। सैनी प्रधान के प्रतिनिधि श्रवण पटेल ने बताया कि पूर्व में जमीन की नाप चकबंदी बाद बने नक्शे से हुई है। जबकि सैनी की आबादी आजादी से पूर्व की है। नियमत: नाप 1924 के नक्शे से होनी चाहिए।