एक औलाद के लिए देश के जहां तमाम दंपती आईवीएफ जैसी तकनीक में लाखों रुपये पानी की तरह बहा कर रहे हैं वहीं समाज में कुछ ऐसे भी युवक और युवतियां हैं जो प्रेम के कारण रिश्ते बनाकर औलाद तो पैदाकर लेते हैं, लेकिन समाज में उस बच्चे को अपना नाम देने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। ऐसी ही एक घटना बुधवार को पश्चिमशरीरा थाने के अमीना गांव के समीप हुई। जहां एक मां ने अपने कलेजे के टुकड़े को मरने के लिए खेत में फेंक दिया था।
अमीना गांव के लोग बुधवार सुबह अपने खेतों की तरफ गए थे। तभी धान के खेत के बीच से एक नवजात के कराहने की आवाज ने उनका दिल दहला दिया। कौतूहलवश लोग मौके पर पहुंचे तो देखा कुछ पहले ही जन्मा हुआ बच्चा पड़ा था। उसके शरीर पर एक भी कपड़ा नहीं था। एक किसान ने अपने अंगौछे से बच्चे के शरीर को लपेटा। देखते ही देखते यह बात पूरे इलाके में जंगल की आग की तरह फैल गई। शिशु लड़का था, सो तमाम ऐसे दंपती उसे गोद लेने भी पहुंचे जिनके संतान नहीं थी। इस बीच सूचना पर पुलिस भी आ गई। पुलिस ने कानूनी बाध्यता बताते हुए बच्चे को चाइल्ड लाइन के हवाले कर दिया।