मंझनपुर। गर्मी की छुट्टी के बाद इस बार 16 जून से ही परिषदीय विद्यालय खुल रहे हैं। इस बार नगर पंचायत क्षेत्र के विद्यालय का रूप बदला दिखेगा। स्कूलों में कायाकल्प के काम चल रहे हैं। यहां पेयजल व्यवस्था आदि के कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं।
जिले में दो नगर पालिका परिषद और आठ नगर पालिका हैं। इनके क्षेत्र में 178 स्कूल आते हैं। स्कूलों की हालत में सुधार के लिए नगरीय क्षेत्र में कायाकल्प योजना से सुधार कार्य होने हैं। नगर पंचायत कड़ा, सरायअकिल, अजुहा नगर पंचायत में सबसे अधिक विद्यालय बदहाल है।
जबकि भरवारी और पश्चिमशरीरा के स्कूल बेहतर स्थिति में हैं। कड़ा ब्लॉक के सात स्कूलों में टाइल्स लगाने का काम चल रहा है। इसी प्रकार एक विद्यालय में रनिंग वाटर की समस्या है। यहां भी 15 दिनों में कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
निकायों का एक भी विद्यालय मानक पर खरा नहीं
नगर पंचायत व नगर पालिका परिषद का कोई भी विद्यालय कायाकल्प के 19 पैरामीटर में खरा नहीं उतर रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले की सभी 10 निकायों में 147 परिषदीय स्कूल संचालित हो रहे हैं। इनमें सबसे कम सरायअकिल में मात्र दो विद्यालय हैं। यहां भी केवल 66 फीसदी ही कायाकल्प का काम हुआ है। इस प्रकार अजुहा के पांच स्कूलों में 77 फीसदी, करारी के तीन स्कूलों में 79 फीसदी और चायल के तीन स्कूलों में 93 फीसदी काम हुआ है।
सात साल के बाद भी काम अधूरा
स्कूलों की हालत में सुधार के लिए कायाकल्प योजना के संचालन के करीब सात वर्ष हो चुके हैं। इसके बाद भी अब तक स्कूलों के कायाकल्प का काम पूरा नहीं हो सका। आज भी विद्यालय अधूरे हैं। दावा किया जा रहा है कि गर्मी के अवकाश के बाद विद्यालय खुलने पर काम पूरा मिलेगा।
नगरी क्षेत्र के स्कूलों की हालत में सुधार की जिम्मेदारी नगर निकायों की हैं। यहां के विद्यालय की हालत में सुधार के लिए नगर निकाय ही योजना तैयार कर काम कराता है। इसके लिए वह पूरी तरह से जिम्मेदार है। - वीरेंद्र कुमार, डीसी निर्माण