अनजान लिंक के चक्कर में बैंक सेवा केंद्र संचालक ने गवां दिए 60 हजार रुपये
- साइबर अपराधी ने अनजान नंबर से भेजा था लिंक, यूपीआई के जरिए रुपये किए ट्रांसफर
साइबर अपराध का लोगों लगाएं-
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। साइबर अपराधियों ने बैंकिंग सेवाओं के बारे में बखूबी जानकारी रखने वाले उपभोक्ता को 60,500 रुपये का चूना लगा दिया। अनजान लिंक के चक्कर में उपभोक्ता के खाते से यूपीआई के जरिए रुपये ट्रांसफर किए गए। ठगी के शिकार उपभोक्ता की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच साइबर सेल को दी है।
सदर कोतवाली के दीवर ओसा निवासी देवेश कुमार बैंकिंग सेवा केंद्र का संचालन करते हैं। देवेश के मुताबिक 30 मई को उनके मोबाइल पर अनजान नंबर से लिंक भेजा गया। लिंक को उन्होंने खोला तभी खाते 60, 500 रुपये यूपीआई के जरिए किसी विकास चौहान के खाते में ट्रांसफर हो गए। मोबाइल पर बैलेंस कटने की जानकारी होने के बाद देवेश ने ओसा स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में घटना के बारे में जानकारी दी। बैंककर्मियों की सलाह पर पिछले दिनों मामले की शिकायत एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव से की गई। एसपी के निर्देश पर शनिवार को सदर कोतवाली पुलिस ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कर लिया है।
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ऐसे मामलों में इन बातों का रखे ध्यान
साइबर सेल प्रभारी विजय यादव का कहना है कहना है अनजान लिंक को बिल्कुल नहीं टच करना चाहिए। ऐसा करने से साइबर अपराधी आपका मोबाइल रिमोट पर ले लेता है। मोबाइल में दर्ज सारी जानकारी अपराधी तक पहुंच जाती है। इसी के जरिए पैसे को ऑनलाइन ट्रांसफर कर लिया जाता है। खासकर प्रलोभन वाले मैसेज सबसे ज्यादा हानिकारक होते हैं। मोबाइल का नोटिफिकेशन ऑन होने पर अपराधी को तमाम सारी जानकारी उपलब्ध हो जाती है।