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Kaushambi News: अतीक के शूटर अब्दुल कवि का भगोड़ा भाई वली गिरफ्तार

Fri, 21 Apr 2023 01:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
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राजूपाल हत्याकांड के गवाह ओम प्रकाश पाल पर जानलेवा हमले तथा अपराधियों को संरक्षण देने के मामले में फरार चल रहे अतीक के शूटर अब्दुल कवि के बड़े भाई अब्दुल वली को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
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बृहस्पतिवार को वह चकमा देकर कचहरी में आत्मसमर्पण करने आ रहा था, तभी पुलिस ने उसे मिनहाजपुर गांव के करीब से गिरफ्तार किया। आईजी चंद्रप्रकाश के निर्देश पर वली की गिरफ्तारी के लिए 15 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया गया था।
पुलिस ऑफिस में मीडिया से मुखातिब एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव तथा एएसपी समर बहादुर ने बताया, पता चला कि 24 फरवरी को प्रयागराज में उमेश पाल तथा दो सरकारी सुरक्षाकर्मियों की गोली मारकर हत्या के बाद घटना में शामिल बदमाश माफिया अतीक के शूटर अब्दुल कवि के सरायअकिल कोतवाली के भखंदा स्थित घर में छिपे हैं।
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अब्दुल कवि प्रयागराज में बसपा विधायक राजूपाल हत्याकांड में 18 वर्ष से फरार चल रहा था। पुलिस ने अब्दुल कवि के घर छापा मारा लेकिन कोई शूटर नहीं पकड़ा गया। दीवारों में छिपाकर रखे गए तमाम असलहे बरामद हुए।
कवि सहित परिवार के 11 लोगों के खिलाफ अपराधियों को संरक्षण देने सहित कई-कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में अब्दुल वली फरार चल रहा था।
एक अक्तूबर 2020 को भी उसका नाम राजूपाल हत्याकांड के गवाह चकपिन्हा निवासी ओमप्रकाश पर जानलेवा हमले में सामने आया था। 15 अप्रैल को पुलिस ने कोर्ट से आदेश लेकर उसके घर पर कुर्की का नोटिस चस्पा किया।
इससे वली घबरा गया और कोर्ट में हाजिर होने की फिराक में लग गया। बृहस्पतिवार को वह कोर्ट में हाजिर होने के लिए आ रहा था तभी सरायअकिल इंस्पेक्टर विनीत सिंह ने एसआई हनुमान प्रताप, आरक्षी गिरीश तथा रोहित के साथ घेराबंदी करके मिनहाजपुर गांव के पास से उसे गिरफ्तार कर लिया।
इससे पहले पुलिस ने घटना में वांछित वली के भाई कादिर को पहले ही गिरफ्तार करके जेल भेजा था। पांच अप्रैल को शूटर कवि ने लखनऊ की सीबीआई कोर्ट मेंं आत्मसमर्पण कर दिया था।
वली की कार तथा स्कॉर्पियों को किया गया है सीज
फरारी काट रहे इनामिया अब्दुल वली पर शिकंजा कसने के लिए सरायअकिल कोतवाली पुलिस ने उसके घर पर कुर्की का नोटिस तो चस्पा किया ही, साथ ही उसकी एक कार तथा स्कॉर्पियों को पहले ही सीज कर दिया था।
वली को खतरा था कि कहीं नोटिस के महीने भर बीतने के बाद पुलिस कोर्ट से धारा 83 का आदेश लेकर उसके घर पर बुलडोजर न चलवा दे। इसे लेकर उसने अदालत में हाजिर होने का फैसला लिया था।
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