पुलिस का ‘हमदर्द’ बनना पत्रकार फराज असलम की जान के लिए आफत बन गया। गोकशी के आरोप में पकड़े गए आरोपी ने मुखबिरी के शक में फराज से दुश्मनी पाल रखी थी। जमानत पर छूटने के बाद उसने फराज को ठिकाने लगाने का फैसला ले लिया था। पूरामुफ्ती पुलिस और एसओजी की टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर सोमवार को उसका चालान कर दिया। आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल तमंचा भी बरामद हुआ है।
सोमवार को पुलिस ऑफिस में मीडिया से मुखातिब एसपी अभिनंदन ने बताया कि सात अक्तूबर को पूरामुफ्ती कोतवाली के मलाक मोहीउद्दीनपुर निवासी फराज असलम की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। फराज असलम एक दैनिक समाचार पत्र के संवाददाता थे। इस मामले में घरवालों की तरफ से अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया गया था। एएसपी समर बहादुर व सीओ चायल केजी सिंह के नेतृत्व में पूरामुफ्ती पुलिस व एसओजी को खुलासे के लिए लगाया गया था। इस मामले में विवेचना के दौरान महगांव के सीबू उर्फ सैफुलहक पुत्र रेहानुलहक का नाम प्रकाश में आया। सीबू को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने हत्या की बात कुबूल कर ली।
सीबू ने बताया पिछले दिनों वह पिपरी कोतवाली से गोवध के मामले में जेल गया था। उसे यकीन था कि फराज असलम ने उसकी मुखबिरी की है। इसी के बाद से उसने ठान लिया था कि फराज को मौत के घाट उतार देगा। इसी के तहत सात अक्तूबर को उसने फराज को बुलाया और गोली मार दी। एक ही गोली में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने सीबू की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त तमंचा बरामद कर लिया है। सोमवार को सीबू को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। सीबू पर इससे पहले पूरामुफ्ती कोतवाली में ही जानलेवा हमले का एक केस दर्ज था।