एससी/एसटी एक्ट की विशेष अदालत ने 25 वर्ष पुराने दुष्कर्म के मामले में दोषी सफीक अहमद को आजीवन कारावास और 10,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत प्रभावी पैरवी का परिणाम बताया जा रहा है।
14 जनवरी 2000 को सैनी थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने तहरीर देकर बताया था कि उसकी नाबालिग पुत्री के साथ आरोपी ने गलत काम किया था। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की विवेचना कर आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया था। गवाहों की गैरमौजूदगी की वजह से देरी के चलते यह मामला वर्षों तक लंबित रहा।
पुलिस के अनुसार ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के अंतर्गत इस मामले को दोबारा प्राथमिकता में लेते हुए माॅनिटरिंग सेल की तरफ से गवाहों को न्यायालय में उपस्थित कराया गया और प्रभावी पैरवी की गई।
शुक्रवार को एससी/एसटी एक्ट की विशेष अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाही के आधार पर सफीक अहमद को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 10,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।