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Kaushambi : इफ्तार पार्टी में पहुंचा था शूटर अब्दुल कवि, समाज के लोगों ने समझाया- अल्लाह के लिए सरेंडर कर दो

Fri, 07 Apr 2023 06:27 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी

सार

राजूपाल हत्याकांड के शूटर अब्दुल कवि के अदालत में सरेंडर करने का फैसला चरवा इलाके के एक मदरसे में हुआ था। चार दिन पहले रोजा इफ्तार के बहाने आयोजित बिरयानी पार्टी में कवि समेत मुस्लिम समाज के करीब दो सौ लोगों ने शिरकत की थी।
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Kaushambi : अब्दुल कवि। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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राजूपाल हत्याकांड के शूटर अब्दुल कवि के अदालत में सरेंडर करने का फैसला चरवा इलाके के एक मदरसे में हुआ था। चार दिन पहले रोजा इफ्तार के बहाने आयोजित बिरयानी पार्टी में कवि समेत मुस्लिम समाज के करीब दो सौ लोगों ने शिरकत की थी। समाज के लोगों ने कवि को समझाया कि अल्लाह के वास्ते वह अदालत में हाजिर हो जाए। ताकि, उसके परिवार व नात-रिश्तेदारों पर हो रही पुलिसिया जुल्म को रोका जा सके।

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माफिया अतीक के शूटर अब्दुल कवि के ऊपर एक लाख का इनाम घोषित था। उमेश पाल हत्याकांड के बाद से पुलिस ने उसके परिवार व मददगारों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की। इस दौरान कुल 19 लोगों को गिरफ्तार कर 28 लाइसेंसी सहित 44 असलहे व भारी तादात में कारतूस बरामद किया गया था।

कवि के तमाम रिश्तेदार भेजे जा चुके हैं जेल
घटना में अब्दुल कवि के भाई अब्दुल कादिर, ससुर, जीजा, बहन आदि को जेल भी भेजा जा चुका है। कवि का नाम जिस व्यक्ति के साथ प्रकाश में आया पुलिस ने उसे उठा लिया। लगातार पुलिस के दबाव बनाए जाने से 18 साल से फरार अब्दुल कवि के आर्थिक साम्राज्य पर तो चोट पहुंची ही, साथ में उसके रिश्तेदारों को जेल जाना पड़ा।

मदरसे में आयोजित की गई थी बिरयानी पार्टी, कवि भी पहुंचा था
इन दिनों रमजान का पाक महीना है। जगह-जगह रोजा इफ्तार का कार्यक्रम हो रहा है। इसे लेकर चरवा इलाके के एक मदरसे में भी चार दिन पहले इफ्तार का आयोजन किया गया। सूत्रों की मानें तो रोजा इफ्तार के बहाने यहां पर बिरयानी पार्टी हुई। मुस्लिम समाज के करीब दो सौ लोग कार्यक्रम में शामिल हुए। जिसमें कवि भी पहुंचा था।

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कुछ लोगों ने किया विरोध, बोले- अतीक से गद्दारी हो जाएगी
ज्यादातर लोगों का मत था कि अब्दुल कवि अदालत में हाजिर हो जाए। जिससे किसी अन्य को बेवजह परेशान न होना पड़े। वहीं कुछ लोगों ने कवि के सरेंडर करने में माफिया अतीक से गद्दारी करार दिया। इसे लेकर कुछ विवाद की स्थिति भी बनी। हालांकि लोगों ने समझा-बुझाकर मामला शांत कराया और कवि को सरेंडर करने के लिए राजी किया। इस इफ्तार पार्टी की कवि के सरेंडर कर दिए जाने के बाद बृहस्पतिवार को इलाके में उक्त इफ्तार पार्टी की खासी चर्चा रही।

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