सरायअकिल। बिजली उपकेंद्र सरायअकिल की 33 केवी लाइन में खराबी के कारण क्षेत्र में बिजली संकट खड़ा हो गया। पूरी रात लोग बिजली को तरसते रहे। उमस भरी गर्मी ने भी परेशान कर दिया। चार्ज न होने के कारण मोबाइल भी काम नहीं कर रहे थे।
विद्युत उपकेंद्र सरायअकिल से सरायअकिल, पुरखास, नेवादा, जल निगम, मंझनपुर व कृषि फीडर सहित कुल छह फीडर निकले हैं। इनसे कस्बे के अलावा चिरारी, बहुंगरा, भगवानपुर, जठिया किशुनपुर, अम्बारी, असन्दापुर, फजुल्लापुर, भैरवाँ, जाठी, रानीपुर, सुकवारा, म्योहर, घोसिया, मवई समेत आसपास के 67 गांवों को बिजली दी जाती है। शनिवार शाम करीब चार बजे उपकेंद्र की 33 केवी लाइन में खराबी आ गई। इसके कारण उपकेंद्र से निकलने वाले सारे फीडरों की आपूर्ति ठप हो गई।
घंटों की मशक्कत के बाद कर्मचारियों ने लाइन तो दुरुस्त कर ली गई। इसके बाद 11 केवी फीडरों में समस्या आ गई। रात करीब 12 बजे तक अभियंता सरायअकिल, नेवादा, जल निगम और कृषि फीडर शुरू करने में कामयाब हो गए थे, लेकिन मंझनपुर और पुरखास फीडर की आपूर्ति फिर भी बहाल नहीं हो पाई। करीब 37 गांवों में पूरी रात अंधेरा रहा। रविवार की दोपहर करीब 12 बजे पुरखास फीडर से जुड़े गांवों में बिजली पहुंची। इसके बाद मंझनपुर फीडर की लाइन की फाल्ट खोजने में कर्मचारी जुटे रहे।
50 साल पुराने तार, कैसे रुकेंगे फाल्ट
मंझनपुर फीडर के उपभोक्ता राजेंद्र, दिनेश चंंद्र, बब्बू, राज बहादुर, रामचंद्र, रामदीन आदि ने बताया कि पूरी रात उमस ने सोने नहीं दिया। बारिश के मौसम जहरीले जीवों का खतरा बढ़ जाता है। इससे भी नींद उड़ रही। मोबाइल तक चार्ज नहीं हो सके। सुबह पानी के लिए भी भटकना पड़ा। पुरखास फीडर के राजकुमार सिंह, केशन, लालमन, संतलाल, जगदीश आदि उपभोक्ताओं ने बताया कि लाइनों के तार 50 साल पुराने हो गए हैं। यही कारण है कि आए दिन खराबी होती रहती है। हवा का हल्का झोंका भी जाए तो बत्ती गुल हो जाती है।
तेज हवा व बारिश की वजह से फाल्ट हुआ है। रात से ही कर्मचारियों की टीमें लाइनों की जांच में लगी हुई हैं। लगभग सभी फीडरों में विद्युत आपूर्ति बहाल हो गई है। मंझनपुर फीडर में फाल्ट ठीक किया जा रहा है। इसमें भी जल्द आपूर्ति शुरू हो जाएगी।
-महेंद्र वर्मा, जेई, सरायअकिल