बैठक का 14 जिला पंचायत सदस्यों ने बहिष्कार कर दिया। सदस्यों ने कमिश्नर प्रयागराज को पत्रक सौंपकर आठ सूत्रीय मांगों को पूरा करने की मांग की है। सदस्यों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गई तो वह अपने पद से त्यागपत्र देने के लिए बाध्य हो जाएंगे।
अविश्वास प्रस्ताव में फेल होने के बाद अध्यक्ष का विरोध करने वाले जिला पंचायत सदस्यों ने अपने पद से त्यागपत्र देने की चेतावनी दी है। सोमवार को जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना सोनकर की ओर से बोर्ड की बैठक आहूत की गई थी। बैठक का 14 जिला पंचायत सदस्यों ने बहिष्कार कर दिया। सदस्यों ने कमिश्नर प्रयागराज को पत्रक सौंपकर आठ सूत्रीय मांगों को पूरा करने की मांग की है। सदस्यों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गई तो वह अपने पद से त्यागपत्र देने के लिए बाध्य हो जाएंगे।
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बता दें कि जिला पंचायत सदस्यों ने जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रति अविश्वास जताते हुए जिलाधिकारी को पत्र दिया था। इसके बाद फ्लोर टेस्ट के लिए निर्धारित तिथि पर कोई भी सदस्य वोटिंग में हिस्सा लेने के लिए नहीं पहुंचा। इसके कारण कल्पना सोनकर की कुर्सी बच गई। सदस्यों ने आरोप लगाया कि शासन और सत्ता के दबाव में उन्हें फ्लोर टेस्ट में शामिल होने से रोक दिया गया। फर्जी तरीके से मुकदमे दर्ज कराए गए और गिरफ्तारी के लिए दबिश दी गई। घर पर बुलडोजर चलाने के लिए नोटिस जारी किया गया। सदस्यों ने कहा कि वह पीछे हटने वाले नहीं हैं।