पशुओं के टीकाकरण में पैरावेट बन सकतें हैं रोड़ा
पिछले दो अभियान का अब तक नहीं मिला मानदेय
शुक्रवार से साढ़े तीन लाख मवेशियों का होना था टीकाकरण
अमर उजला ब्यूरो
मंझनपुर। जिले में पशुओं को खुरपका और मुंहपका आदि बीमारियों से बचाने के लिए चलने वाले टीकाकरण अभियान पर ग्रहण लग सकता है। टीकाकरण में लगाए गए करीब 76 पैरावेट को पिछले दो अभियान का पैसा नहीं मिल सका है। इससे पैरावेट की नाराजगी विभाग को भारी पड़ सकती है। फिलहाल आश्वासन दिया जा रहा है कि 31 मार्च तक सभी के खाते में मानदेय भेज दिया जाएगा।
मवेशियों को बीमारी से बचाने के लिए शुक्रवार से टीकाकरण अभियान होना था। वैक्सीन नहीं आने की वजह से टीकाकरण अभियान का शुभारंभ नहीं हो सका। इसके पीछे विभाग का कहना है कि वैक्सीन बांदा तक पहुंची, लेकिन जिले में नहीं आ सकी। वहीं सूत्रों का कहना है कि पैरावेट की नाराजगी की वजह से टीकाकरण का शुभारंभ नहीं हो सका। इस बार 24 वां टीकाकरण अभियान है। बताया जाता है कि इससे पहले 22 व 23 वें अभियान का पैसा पैरावेट को नहीं मिल सका है। एक पैरावेट को सौ रुपये रोजाना के हिसाब से 45 सौ रुपये मिलते हैं। यह मानदेय भी शासन से नहीं मिलने के कारण पैदा हुई पैरावेटों की नाराजगी का खामियाजा पशु पालन विभाग को उठाना पड़ सकता है।
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इनका कहना है
पैरावेट को मानदेय नहीं मिल सका है। शासन से बजट स्वीकृत नहीं होने की वजह से दिक्कत आई है। कुछ बजट मिला था, उसे पैरावेट के खाते में भेजा जा रहा है। इस बार शासन ने पैरावेट का पैसा सौ रुपये रोजाना से बढ़ाकर दो सौ रुपये कर दिया है। वैक्सीन नहीं आने की वजह से अभियान शनिवार से शुरू किया जाएगा।
डॉ. बीडी पांडेय, सीवीओ
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विवाहिता की हत्या में आरोपी सास की जमानत अर्जी खारिज
मंझनपुर (ब्यूरो)। सैनी कोतवाली के नंजू का पुरवा गांव में सालभर पहले सुशीला की हत्या के मामले में अदालत ने आरोपी सास की जमानत अर्जी नामंजूर कर दी है। अभियोजन के मुताबिक सदर कोतवाली के ओसा गांव निवासी हुबलाल मौर्या ने अपनी बेटी सुशीला की शादी चार साल पहले नंजू का पुरवा गांव निवासी प्रदीप मौर्या के साथ की थी। 14 सितंबर 2018 को सुशीला का शव फांसी पर लटका मिला। उसका शरीर नीला पड़ा था। हुबलाल ने बेटी को जहर देकर मार डालने के बाद फांसी पर लटकाए जाने की आशंका जाहिर कर पति प्रदीप और सास सूरज कली के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। उसका कहना था कि ससुराल वाले दहेज में चार लाख कैश की मांग करके बेटी को प्रताड़ित कर रहे थे। इस मामले में पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दायर की। मामला जनपद न्यायाधीश महफूज अली की अदालत में विराचाधीन है। कोर्ट में सास सूरजकली की जमानत अर्जी दाखिल की गई थी। वादी की तरफ से जिला शासकीय अधिवक्ता सोमेश्वर तिवारी ने अपराध की प्रकृति को गंभीर बताते हुए जमानत का विरोध किया। कोर्ट ने सभी पक्ष को सुनने के बाद शुक्रवार को आरोपी सास की जमानत अर्जी खारिज कर दी।