विधानसभा चुनाव में ताल ठोंकने वाले 11 सियासी पहलवान बिना लड़े ही मैदान से बाहर हो गए। नामांकन पत्रों में खामियों की वजह से प्रशासन ने उनके पर्चे खारिज कर दिए। विधायक बनने की दौड़ में जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर अब केवल 40 उम्मीदवार ही बचे हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी सुजीत कुमार ने बताया कि विधानसभा चुनाव के लिए जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों से 51 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किए थे। बुधवार को नामांकन पत्रों की जांच में 40 उम्मीदवारों के नामांकन पत्र सही पाए गए।
जबकि, 11 उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों को कमियां मिलने के कारण अस्वीकृत कर दिए गए हैं। सिराथू विधानसभा क्षेत्र से दाखिल 23 नामांकन पत्रों में से 20 उम्मीदवारों के पर्चे स्वीकृत हुए हैं। यहां से अस्वीकृत तीन नामांकन में बसपा प्रत्याशी संतोष कुमार त्रिपाठी, निर्दल उम्मीदवार सना बेगम और राम मूरत शामिल हैं। विधानसभा क्षेत्र मंझनपुर में 14 उम्मीदवारों ने नामांकन किए थे।
इनमें से आठ उम्मीदवारों के नामांकनपत्र सही मिले। जबकि, छह उम्मीदवारों के नामांकनपत्र अस्वीकृत किए गए। जिनके नामांकनपत्र नामंजूर किए गए उनमें निर्दलीय लाल बहादुर, धर्मेंद्र कुमार, शुकरी देवी, रामभजन और शशि कुमार शामिल हैं।
इसी तरह चायल क्षेत्र से 14 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे। इनमें से 12 उम्मीदवारों के नामांकनपत्र जांच में सही मिले। जबकि निर्दलीय प्रत्याशी सतीश कुमार व महेश कुमार के नामांकनपत्र अस्वीकृत किए गए। नामांकन पत्रों की जांच में कुल 51 उम्मीदवारों में से 40 सही पाए गए हैं।
विधानसभा वार प्रत्याशियों के निरस्त हुए नामांकन-
सिराथू विधानभा-संतोष कुमार त्रिपाठी (बसपा), सना बेगम (निर्दल), राम मूरत (निर्दल)
मंझनपुर विधानसभा-लाल बहादुर (निर्दल), धर्मेंद्र कुमार (निर्दल), शुकरी देवी (निर्दल), रामभजन (निर्दल), शशि कुमार (निर्दल)
चायल विधानसभा- सतीश कुमार (निर्दल), महेश कुमार (निर्दल)
डिप्टी सीएम के नामांकन को लेकर जताई आपत्ति, खारिज
प्रयागराज जनपद के करबला निवासी दिवाकर नाथ त्रिपाठी ने बुधवार को सिराथू से भाजपा प्रत्याशी एवं डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के नामांकन पत्र को लेकर आपत्ति जताई। दिवाकर के मुताबिक नामांकन पत्र के साथ दाखिल किए गए हलफनामे में डिप्टी सीएम ने अपनी शैक्षिक योग्यता के बारे में गलत जानकारी दी है। हालांकि, उनकी आपत्ति रिटर्निंग अफसर एवं एसडीएम सिराथू ने खारिज कर दी। इस पर दिवाकर ने मामले की शिकायत चुनाव आयुक्त से की है। इस बाबत रिटर्निंग अफसर का कहना है कि दिवाकर ने 1.47 बजे हलफनामे पर आपत्ति दर्ज कराई थी। जबकि, इससे पहले ही नामांकन पत्र की जांच हो गई थी। दूसरा यह है कि शपथ पत्र पर टिप्पणी करने का उन्हें कोई अधिकार नहीं है।