तेज आवाज सुनकर ग्रामीण मौके की तरफ भागे। लोगों ने आनन-फानन मलबा हटाना शुरू किया। दोनों को निकालकर स्वास्थ केंद्र ले गए। वहां जांच के बाद चिकित्सकों ने मीरा देवी को मृत घोषित कर दिया। रूप किशोर की हालत नाजुक देखते हुए रेफर कर दिया। घटना से परिवार में चीत्कार मच गई। ग्राम प्रधान मुनीस कुमार ने घटना की सूचना उपजिलाधिकारी कुलदीप सिंह को दी। सूचना पर उपजिलाधिकारी ने नायब तहसीलदार मुकेश कुमार को मौके पर भेजा। उन्होंने क्षति का आंकलन किया।
दूसरी घटना कोतवाली क्षेत्र के ग्राम श्रीनगला में हुई। यहां के निवासी 65 वर्षीय मुनीस चन्द्र पुत्र दामोदार अपने भाई 60 वर्षीय ग्रीस चंद्र व 55 वर्षीय सतीष चंद्र व चाचा 70 वर्षीय रामकिशोर पुत्र गोविंद व 45 वर्षीय प्रमोद पुत्र रामफेरे गुरुवार की शाम लगभग 5 बजे बारिश से बचने के लिए अपनी झोपड़ी में बैठे थे।
पड़ोस के गिरजाशंकर की कच्ची दीवार मुनीस चंद्र की दीवार पर आ गिरी। इसकी वजह से मुनीस चंद्र की दीवार भी गिर गई। दीवार के मलबे में सभी लोग दब गए। दीवारों के गिरने और चीखपुकार की आवाजें सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। आनन-फानन में मलबे को हटाकर मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला। तब तक ग्रीस चंद्र की मौत हो चुकी थी। अन्य घायलों मुनीस चंद्र, सतीश चंद्र, राम किशोर व प्रमोद को लेकर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे।
यहां चिकित्साधीक्षक डॉक्टर सुल्तान अहमद ने रामकिशोर को मृत घोषित कर दिया। वहीं सभी घायलों की गम्भीर स्थिति को देखते हुए रेफर कर दिया। ग्रामीणों ने घटना की सूचना उपजिलाधिकारी कुलदीप सिंह को दी। उपजिलाधिकारी ने तहसीलदार जितेंद्र कुमार को घटना पर श्रीनगला भेजा तो वहीं नायब तहसीलदार मुकेश कुमार को घायलों के बेहतर उपचार कराने के लिए स्वास्थ्य केंद्र पर भेजा। घर में चाचा भतीज़े की मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
उपजिलाधिकारी कुलदीप सिंह ने बताया कि तीनों मृतकों के परिजन को दैवीय आपदा के तहत चार-चार लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।
इसी क्रम में ग्राम निवउआ निवासी शिवेंद्र पुत्र राम किशोर व ग्राम मोइनुद्दीन पुर निवासी राजेश,राज बहादुर,जयवीर,दुर्योधन व ग्राम हथोड़ावन निवासी सुखपाल,महावीर,ग्राम सिंगपुर किशन लाल पुत्र मोती व ग्राम मधुपुरा निवासी अशोक पुत्र रामशंकर व ग्राम किशोरी नगला निवासी राजवीर सिंह पुत्र देवदत आदि के मकानों की दीवारें व छत गिर गईं। इसकी वजह से गृहस्थी का सामान दबकर ख़राब हो गया। उपजिलाधिकारी कुलदीप सिंह ने सभी घटना स्थलों पर राजस्व विभाग की टीमों को भेजकर क्षति का आकलन कराया।