मोहनपुरा। फरवरी में दोपहर के समय तेज धूप निकलने से तापमान में तेजी से बढ़ोत्तरी होने लगी है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय तापमान का अधिक बढ़ना गेहूं की अगैती फसल के लिए अच्छा नहीं है। फसल में बालियां आ चुकी हैं। अधिक गर्मी होने पर बालियों में दाने सिकुड़ने की आशंका है।
कृषि विज्ञान केंद्र मोहनपुरा के वैज्ञानिक गौरव वर्मा ने बताया कि नवंबर माह की शुरुआत में गेहूं बोने वाले किसानों के लिए थोड़ी चिंता की बात हो सकती है। उन्होंने बताया कि प्रकाश संश्लेषण प्रक्रिया के दौरान पौधों में बनने वाला शुष्क पदार्थ तने के जायलम और फ्लोएम से बालियों तक पहुंचता है। गर्मी अधिक बढ़ने पर शुष्क पदार्थ बनने और बाली तक पहुंचने की प्रक्रिया में बाधा आने लगती है जिसके फलस्वरूप दाना सिकुड़ने लगता है। दाना सिकुड़ने के कारण पैदावार में अपेक्षाकृत कुछ कमी आ सकती है।
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गेहूं के लिए सावधानियां
डॉ. गौरव वर्मा ने बताया कि गेहूं की अगैती फसल में किसान उचित नमी बनाए रखें। बौछारी सिंचाई के माध्यम से हल्की सिंचाई करते रहें। किसान इस बात का विशेष ध्यान रखें कि खेत में जलभराव की स्थिति न बने। जलभराव होने पर हवा चलने से फसल के गिरने का खतरा रहेगा।
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वर्जन -
दिन में तापमान बढ़ने से गेहूं की अगैती फसल में किसानों को सावधानियां रखने की आवश्यकता है। बढ़े हुए तापमान से फसल अवधि में करीब दस दिन और उत्पादन में करीब 5 से 6 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। किसान खेत में नमी बनाए रखें और किसी भी सहायता और जानकारी के लिए कृषि विज्ञान केंद्र मोहनपुरा में किसी भी कार्यदिवस ने संपर्क कर सकते हैं।
- गौरव वर्मा, वस्तु विशेषज्ञ सस्य विज्ञान, कृषि विज्ञान केंद्र मोहनपुरा कासगंज