कोरोना का खतरा सिर पर मंडरा रहा है। शासन की तरफ से 2 नवंबर को वैक्सीन की मात्र 3700 डोज की सप्लाई गईं। अब इसमें से मात्र 10 डोज ही शेष बची हैं। इसके बाद जिले को वैक्सीन की सप्लाई नहीं मिली। ऐसे में 4 नवंबर के बाद से अभियान पूरी तरह से ठप पड़ा है। अभी भी 7.35 लाख वैक्सीन की डोज की आवश्यकता है।
खबरों के अनुसार, कोरोना का नया वैरिएंट काफी अधिक तेजी से फैलता है। इस खतरे को देखते हुए शासन से अलर्ट भी जारी किया है। लोगों के वैक्सिनेशन कराने पर भी जोर दिया जा रहा है। जिले में यदि वैक्सीन की स्थिति की बात की जाए तो हाल काफी खराब हैं। को-वैक्सीन की मात्र 10 डोज ही इस समय स्टॉक में बची हैं। जबकि कोविशील्ड एवं बच्चों की कार्बेवैक्स की एक भी डोज नहीं हैं।
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जिले में काफी संख्या में 12 साल से ऊपर के बच्चे भी दूसरी डोज से वंचित हैं। लोग खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य केंद्रों पर वैक्सीन लगवाने के लिए जाते हैं तो उनको निराश लौटना पड़ता है। वैक्सीन न होने से संक्रमण को फैलने से रोकना स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती बन सकता है।
आयु वर्ग
पहली डोज
दूसरी डोज
12 से 14 वर्ष
64,008
60,054
15 से 17 वर्ष
1,06,558
96,146
18 प्लस
10,60,963
9,46,530
18 प्लस
बूस्टर डोज
3,40,048
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अंजुश सिंह ने बताया कि जिले में इस समय को-वैक्सीन की 10 डोज ही मौजूद हैं। लगभग दो माह से सप्लाई नहीं मिली है। कोरोना के खतरे को देखते हुए जल्द ही वैक्सीन मिलने की संभावना है। जैसे ही वैक्सीन आएगी फिर से टीकाकरण शुरू होगा।