कासगंज का बारहवीं की छात्रा मेघा की कहानी आपको प्रेरित करेगी। छोटी बहन की बंद हो चुकी पढ़ाई को शुरू कराकर बड़ी बहन उसके जीवन में उजियारा ले आई। परीक्षा परिणाम देखकर उसके आंसू छलक पड़े।
उत्तर प्रदेश के कासगंज जिला स्थित श्रीमती द्रोपदी देवी जाजू बालिका इंटर कॉलेज की छात्रा मेघा ने भले ही जिले की मेरिट में अपना स्थान न बनाया हो। लेकिन, 89. 08 प्रतिशत अंक पाकर वह काफी खुश है। छात्रा के जीवन में शिक्षा की रोशनी का यह उजियारा उसकी बहन वर्षा की देन है। अपना परीक्षा परिणाम देखकर उसकी आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। अब वह जीवन में समाज की सेवा करना चाहती है।
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छात्रा मेघा के पिता मजदूरी करते हैं। जबकि, उसकी मां एक निजी स्कूल में शिक्षिका के पद पर कार्यरत हैं। मेघा ने बताया कि वह हाईस्कूल में पढ़ाई कर रही थी। घर की आर्थिक स्थित ठीक न होने पर माता-पिता ने उसकी पढ़ाई को बीच में ही बंद करा दिया। लेकिन, उसके मन में पढ़ने की इच्छा थी।
बहन ने जमा की फीस
बताया कि उसकी बड़ी बहन बर्षा की वृंदावन में शादी हुई है। जब उसको इस बात का पता चला तो उसने पढ़ाई पूरी कराने का भरोसा दिया। उसकी विद्यालय की फीस जमा की। इससे उसकी रुकी हुई पढ़ाई जारी हो गई। उसने हाईस्कूल की परीक्षा 70 प्रतिशत अंक के साथ पास कर ली।
जरूरतमंदों की पढ़ाई में मदद करेगी
इसके बाद से उसकी बहन ही उसकी पढ़ाई का पूरा खर्च उठा रही है। यदि वह उसकी मदद नहीं करती तो आज वह इस मुकाम पर नहीं पहुंच पाती। उसका कहना है कि वह अपनी आगे की पढ़ाई करने के बाद लोगों की सेवा करेगी। जो भी बच्चे जरूरत मंद होंगे उनकी पढ़ाई में मदद करेगी। ताकि उनका भविष्य उज्जवल हो सके।