फोटो 01 कासगंज जिला अस्पताल में लगी मरीजों की भीड़। स्रोत: संवाद
कासगंज। गिरते पारे का असर लोगों की सेहत पर नजर आने लगा है। सर्दी, जुकाम, बुखार के साथ अब साइनसाइटिस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 8 से 10 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें 1-2 मरीज गंभीर स्थिति के भी आ रहे हैं। नाक-कान गला रोग विशेषज्ञ (ईएनटी) न होने से मरीजों को दिक्कत रहती है। सामान्य काय चिकित्सकों (जनरल फिजीशियन) ही इन्हें सलाह और उपचार दे रहे हैंं।
सीएमएस डॉ. संजीव सक्सेना का कहना है कि तापमान में गिरावट, प्रदूषित हवा और एलर्जी की समस्या इस मौसम में साइनस को अधिक प्रभावित करती है। सर्दियों में साइनसाइटिस तेजी से बढ़ता है। मरीज शुरुआत में इसे आम सर्दी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, इससे संक्रमण बढ़कर गंभीर रूप ले लेता है। समय पर जांच और इलाज बेहद जरूरी है उन्होंने बताया कि मरीजों का पहले एक्स-रे कराया जाता है। यदि एक्सरे से स्थिति स्पष्ट नहीं होती तो सीटी स्कैन कराया जाता है। सीटी स्कैन में प्रतिदिन 8-10 मरीजों में इस बीमारी की पुष्टि होती है। इनमें 1-2 मरीज गंभीर भी निकलते हैं। जो मरीज आते हैं उनकी जांच कराकर आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। हालांकि अस्पताल में ईएनटी पद काफी समय से रिक्त चल रहा है।