फोटो45नगरिया में आयोजित सीपीआईएम की किसान-मजदूर पंचायत में मौजूद कार्यकर्ता । स्रोत:विज्ञप्
कासगंज। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की ओर से बृहस्पतिवार को नगरिया स्थित एक मैरिज होम में आयोजित किसान-मजदूर पंचायत का आयोजन किया गया। इस दौरान सरकार की नीतियों के खिलाफ 12 फरवरी को हड़ताल करने का ऐलान किया गया।
सीपीआई(एम) प्रदेश सचिव कामरेड रविशंकर मिश्र ने बताया कि केंद्र ने 29 श्रम कानूनों को समाप्त कर चार श्रम संहिताएं बिना बहस के लागू कर दी हैं। इनसे मजदूरों का शोषण बढ़ेगा। इससे अब कंपनियां 8 घंटे से अधिक काम करवा सकती हैं और ओवरटाइम भुगतान भी उनकी इच्छा पर निर्भर होगा।
300 कर्मचारियों तक की कंपनियों को बिना पूर्व अनुमति कर्मचारियों को निकालने की छूट दे दी गई है। उन्होंने 12 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया। उत्तर प्रदेश खेत मजदूर यूनियन के प्रदेश महासचिव कामरेड बृजलाल भारती ने बताया कि मनरेगा कानून को कमजोर कर वीबी रामजी कानून से ग्रामीण मजदूरों को रोजगार की गारंटी नहीं रहेगी। साल में 60 दिन रोजगार कटौती से पलायन और बेरोजगारी बढ़ेगी। जिला सचिव सुनील कुमार ने बीज विधेयक और कृषि बजट में कटौती को किसान विरोधी बताया।
इस दौरान जनवादी नौजवान सभा के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार कुशवाहा, जिला अध्यक्ष विजय प्रताप सिंह सोलंकी, सीटू नेता राजवीर सिंह, ओम प्रकाश ने की और संचालन प्रमोद कुमार ने किया। इस दौरान किसान व मजदूर सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।