मकान हड़पने, मारपीट करने और कीमती सामान व जेवर लूटने के मामले में एमपी-एमएलए न्यायालय ने सहावर थाना पुलिस को फर्रुखाबाद से भाजपा सांसद मुकेश राजपूत, उनकी बहन रीना राजपूत व अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है। मामला सांसद की बहन और उनके ससुराल पक्ष से जुड़ा हुआ है।
अदालत ने यह आदेश 69 वर्षीय सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य लक्ष्मण सिंह की ओर से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 173(4) के तहत दाखिल प्रार्थना पत्र की सुनवाई करने के बाद दिया। लक्ष्मण सिंह ने अदालत को बताया कि लक्ष्मीपुर गांव के अलावा उनका एक मकान अवंतीबाई नगर, सहावर में भी है, जिसमें उनका परिवार रहता था। इस मकान के भूतल पर उनका बेटा रविंद्र अपनी पत्नी रीना राजपूत के साथ रहता था।
आरोप है कि 7 सितंबर 2025 की रात को सांसद मुकेश राजपूत और उनकी बहन रीना राजपूत ने षड्यंत्र रचकर उनके मकान पर कब्जा कर लिया और उनके बेटे रविंद्र को घर से बाहर निकाल दिया। पीड़ित ने बताया कि जब यह कब्जा किया गया, तब वहां करीब 50 लोग मौजूद थे। इनमें सांसद की पत्नी, परिवार के अन्य लोग, सांसद की कार का चालक और गनर भी शामिल थे।
ये लोग रीना के कहने पर फर्रुखाबाद और एटा से आए थे। इन लोगों ने घर के ताले तोड़कर लाखों रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवर लूट लिए। साथ ही, घर में लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए और डीवीआर भी उखाड़ ले गए। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में स्थानीय पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन सांसद के दबाव के कारण पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, बल्कि उल्टे पीड़ित पक्ष के खिलाफ ही कार्रवाई करते हुए उन्हें और उनके बेटे राजेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
न्यायालय की ओर से प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश प्राप्त हुआ है। आदेश के अनुपालन में मामला दर्ज कर नियमानुसार निष्पक्ष विवेचना की जाएगी।
-ओपी सिंह, एसपी, कासगंज