कासगंज। यूपी बोर्ड परीक्षा की तैयारियों के बीच कक्ष निरीक्षकों के पहचान पत्रों को समय पर प्रति हस्ताक्षरित कराने में विद्यालयों की लापरवाही सामने आई है। अभी तक केवल 70 विद्यालयों ने ही यह कार्य पूरा किया है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को चेतावनी दी है कि बोर्ड परीक्षा संचालन में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित बोर्ड परीक्षा 18 फरवरी से शुरू होंगी। इस बार 64 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। हाईस्कूल परीक्षा में 21,717 छात्र‑छात्राएं और इंटरमीडिएट परीक्षा में 18,645 परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा संचालन के लिए कुल 2,387 शिक्षक कक्ष निरीक्षक बनाए गए हैं, जिनमें से 1,391 माध्यमिक शिक्षा विभाग और 996 बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक हैं।
माध्यमिक शिक्षा परिषद ने कक्ष निरीक्षक के लिए क्यूआर कोड वाले ऑनलाइन पहचान पत्र जारी हैं। विद्यालयों को इन्हें लोड कर कार्यालय से प्रति हस्ताक्षरित कराना अनिवार्य है। इस प्रक्रिया के लिए पंडित दीन दयाल राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज टिंबरपुर के प्रधानाचार्य राजेश यादव को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अभी तक 70 कॉलेजों के प्रधानाचार्यों ने ही पहचान पत्रों के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने स्पष्ट किया कि किसी भी सार्वजनिक परीक्षा से संबंधित कर्तव्य की जानबूझकर उपेक्षा गंभीर दंडनीय अपराध है। परीक्षा संचालन में बाधा उत्पन्न होने पर दोषी को 2 से 7 वर्ष तक का कारावास और जुर्माने की सजा हो सकती है।