फोटो56सोरोंजी में कांवड़ियों की सेवा करते शिवभक्त।संवाद
कासगंज। कांवड़ियों की सेवा के लिए सौ से अधिक सेवा शिविर अलग-अलग मार्गों पर लगाए गए। इन में भोजन प्रसादी, पानी, दूध, बिस्किट, फल, जलेबी, हलवा, पेठा जैसे खाद्य पदार्थ कांवड़ियों को परोसे जा रहे थे। वहीं इन सेवा शिविरों में दर्द व अन्य परेशानी की दवाएं भी कांवड़ियों को उपलब्ध कराई जा रहीं थीं। हर कोई कांवड़ियों की सेवा करने के लिए तत्पर नजर आ रहा था।
तीर्थनगरी सोरोंजी से सेवा शिविरों का सिलसिला शुरू हुआ। यह सेवा शिविर प्रह्लादपुर, गोरहा, मामो, ब्लॉक क्षेत्र, बारह पत्थर, सोरों गेट बाजार, नदरई गेट, गांधी मूर्ति, प्रभुपार्क, मिशन चौराहा, बांकनेर, नदरई, मोहनपुरा, पिवारी, मिरहची एवं एटा मार्ग पर कई स्थानों पर लगे हुए थे। इनमें खान-पान के अलावा कांवड़ियों के बैठने, आराम करने के भी इंतजाम किए गए, जिससे कांवड़ियों को कुछ राहत मिल सके। सेवाभावी लोग कांवड़ियों की हर जरूरत को पूरा करने के लिए जुटे नजर आ रहे थे। देर रात तक अलग अलग इलाकों में सेवा शिविर चलते रहे।
अपने कांधे पर लीं कांवड़ें
कासगंज। सेवा शिविरों में कांवड़ियाें को राहत देने के लिए अन्य लोगों के द्वारा कांवड़ को कांधे पर लेने की व्यवस्था भी कायम की गई। जिससे कांवड़ियों को राहत मिल रही थी। वह सेवाभावियों को कांवड़ सौंपकर कुछ देर के लिए आराम कर पा रहे थे। सेवा करने वालों के बीच कांवड़ लेने की होड़ नजर आ रही थी।