कासगंज। बारिश के बाद खेती का सीजन पूरी रफ्तार पकड़ चुका है, लेकिन किसानों की राह में तकनीकी रोड़ा अटक गया है। एक तरफ खेतों को समय पर खाद की सख्त जरूरत है, तो दूसरी तरफ सर्वर डाउन होने की वजह से किसानों को खाद के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। मौसम अनुकूल होने के बावजूद खाद न मिल पाने से किसान भारी चिंता और परेशानी में हैं।
मंगलवार को खाद बिक्री केंद्रों पर सुबह से ही किसानों की लंबी लाइनें लगी थीं। लेकिन सुबह करीब 11 बजे अचानक सर्वर ठप हो गया, जिससे ई-पॉस मशीनों ने काम करना बंद कर दिया।
केंद्र पर पहुंचे किसान कड़ी धूप और गर्मी में घंटों सर्वर आने का इंतजार करते रहे, मगर अंत में उन्हें मायूस होकर खाली हाथ ही घर लौटना पड़ा। इससे किसानों में गहरा आक्रोश देखने को मिला।
किसानों ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि सर्वर का खराब होना कोई नई बात नहीं है। पिछले कुछ दिनों से यही तकनीकी समस्या बनी हुई थी। शनिवार शाम को किसी तरह सर्वर ठीक हुआ, तो सोमवार को थोड़ी खाद बंट सकी। लेकिन मंगलवार को फिर वही पुराना हाल हो गया।
बार-बार सर्वर ठप होने से पूरी खाद वितरण प्रणाली की पोल खुल गई है। परेशान किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि बुआई और रोपाई के इस जरूरी समय में खाद वितरण की कोई वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, ताकि सर्वर के भरोसे उनकी फसलें बर्बाद न हों।
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उत्पादन पर असर पड़ सकता है
फसल के लिए खाद की जरूरत है, लेकिन सर्वर खराब होने से कई घंटे केंद्र पर इंतजार करना पड़ा। समय पर खाद नहीं मिलने से खेतों का काम प्रभावित हो रहा है और इसका असर फसल उत्पादन पर भी पड़ सकता है। - मुंशीलाल, किसान
बार-बार सर्वर खराब होने से किसानों को खाद केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। तकनीकी समस्या का स्थायी समाधान होना चाहिए, जिससे किसानों को समय पर खाद मिल सके।- पंकज कुमार, किसान
वर्जन
सर्वर के अचानक काम करना बंद कर देने से खाद वितरण प्रभावित हो गया है। सर्वर ठीक होते ही खाद वितरण व्यवस्था फिर से शुरू करा दी जाएगी।- राकेश शंकर श्रीवास्तव, एआर को-ऑपरेटिव